तीन तलाक बिल के संसद में पेश होने पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने कहा कि हमारा कानून कुरआन में मौजूद है. इसके अलावा हमे किसी कानून की जरुरत नहीं है.

राज्यसभा में तीन तलाक के बिल पेश होने पर  मंगलवार को इस मामले पर टिप्पणी करते हुए आजम ने कहा कि  बीजेपी को मुस्लिम महिलाओं से बड़ी हमदर्दी है. पुरुषों से भी हमदर्दी करें. महिलाओं से है बड़ा अच्छा है. लेकिन हमारा कानून कुरान में मौजूद है. पैदा होने से लेकर मरने तक कैसे जीना है ये मौजूद है. अच्छे और बुरे हर काम की सज़ा भी कुरान में मौजूद है.

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उन्होंने कहा किहमें किसी कानून की जरूरत समझ मे नहीं आती. दरअसल ये बीजेपी का मुसलमानों को बांटने का तरीका है. हमारे पास कुरान है तो किसी कानून की जरूरत नहीं है. कुरान में तलाक का तरीका स्पेसिफाइड है. उन्होंने कहा कि आईपीसी और सीआरपीसी को भी कुरान के हिसाब से बना दें. आजम ने कहा, मुसलमानों पर कुरान की सजाओं को लागू कर दिया जाए.

ध्यान रहे केंद्र की मोदी सरकार ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 (The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) को लोकसभा में पारित करा चुकी है. इस बिल में तलाक को आपराधिक करार देते हुए तीन साल की सज़ा का प्रावधान किया गया है.

ये बिल अब बुधवार को राज्यसभा में पेश हो सकता है. इसी बीच 8 पार्टियों ने इस बिल को सिलेक्ट कमेटी को भेजे जाने की मांग की है. CPI, CPIM, DMK, AIADMK, BJD, AIADMK, NCP और सपा के नेताओं ने राज्यसभा के सभापति के साथ मुलाकात कर बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजे जाने की मांग की है.