देश के मुसलमानों के हक़ में बड़ा और एतिहासिक फैसला लेते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने हज सब्सिडी खत्म कर दिया है. बीते कई सालों से लगातार मुस्लिम समुदाय हज सब्सिडी को खत्म करने की मांग कर रहा था.

इस मामले में यूपी के कद्दावर नेता आजम खान ने केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि देश का खजाना सिर्फ हाजियों की वजह से ही लुट रहा था. उन्होंने कहा, देर से लिया गया फैसला है. जो देश के खजाने का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई उन हाजियों से होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि तीन तलाक, हज हाउस पर रंग, जीएसटी, नोटबन्दी, कौन हज पर जाएगा कौन नहीं, गोरखपुर में बच्चों की मौत, इन सवालों को दबाने के लिए सब कुछ हो रहा है. बीजेपी अब हिंदुओं को आपस में बांट रही है. उन्होंने कहा कि हमें कोई शिकायत नहीं है. बहुत अच्छा कदम है. इसका स्वागत करना चाहिए.

ध्यान रहे हज सब्सिडी की शुरुआत 1954 में की गई थी. हर साल एक लाख 75 हजार हज यात्रियों के नाम पर ये सब्सिडी एयर इंडिया को दी जाती थी. आकड़ों के मुताबिक़ सरकार प्रति वर्ष हज सब्सिडी के रूप में 700 करोड़ एयर रूपये एयर इंडिया को सर्विस के लिए मुहैया कराती है. ऐसे में अब मुस्लिम समुदाय खुश है कि हज यात्रा पर से एयर इंडिया का एकाधिकार खत्म हो जाएगा.

2012 में सुप्रीम कोर्ट ने 2022 तक हज सब्सिडी को खत्म करने का आदेश जारी किया था. लेकिन केंद्र सरकार ने 2018 से हज सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह खत्म किए जाने की बात कही थी.

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