योगी सरकार द्वारा मदरसों में छात्रों के लिए कुर्ता-पजामा के बजाय पैंट-शर्ट अनिवार्य करे जाने को लेकर सपा नेता आजम खान ने मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया है।

आजम खान ने तंज कसते हुए कहा, ‘मैंने पहले ही कहा था कि मदरसे वाले पूजा पाठ करें’। मदरसे वालों को पूजा-पद्धति के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा योगी सरकार मदरसे के बच्चों को जींस पहना रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को भी जींस पहनना चाहिए।

उन्होने ये भी कहा कि अगर ड्रेस कोड लागू ना हुआ तो सजा क्या होगी? मदरसा बुलडोज कर दिया जाएगा, बच्चे मार दिए जाएंगे, टीचर्स पर तेजाब डाला जाएगा, क्या किया जाएगा? उसकी सजा भी साथ-साथ हो तो ज्यादा अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि जो दिल चाहे करे। हर जुर्म की सजा भी घोषित करते चलें। ताकि एक बार फिर यह बात बहस में आए कि इंदिरा गांधी की इमरजेंसी क्या थी और नरेंद्र मोदी की इमरजेंसी क्या है।

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सीएम योगी द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दलितों को आरक्षण दिए जाने का मुद्दा उठाने पर आज़म खान ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी का मामला है, इसमें पढ़े-लिखे लोग ही मशवरा दें तो ज्यादा अच्छा है। खासकर जिसने संविधान पढ़ा हो, थोड़ा कानून जनता हो। आजम खान ने कहा कि जो चार अक्षर जानता हो, चौथी या छठवीं पास हो, वे लोग अगर इस मामले में न बोलें तो ज्यादा अच्छा है।

मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर उन्होंने कहा कि ‘साहब’ जो चाहे करें। मोदी सरकार पर तंज करते हुए उन्होंने कहा, इंदिरा गांधी की इमरजेंसी क्या थी और नरेंद्र मोदी की इमरजेंसी क्या है? आज़म खान ने कहा कि इंदिरा गांधी की इमरजेंसी घोषित थी। नरेंद्र मोदी की अघोषित है. घोषित से अघोषित इमेरजेंसी ज्यादा खतरनाक है।

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