केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने पर सपा के कद्दावर नेता आज़म खान ने कहा कि यही तो भाजपा का चुनावी मुद्दा है। उन्होंने कहा कि जो इस्लामिक शरह के एतबार से जायज है, वही सही है। 

उन्होंने कहा कि 3 तलाक पर कानून बने या ना बने, हमारे लिए अल्लाह से बड़ा कोई कानून नहीं है। हम तलाक के मामले में अल्लाह के ही कानून को मानेंगे। खान ने कहा कि चूंकि उनके पास अभी अध्यादेश नहीं है, लिहाजा वह उसके बारे में कुछ नहीं कह सकते। लेकिन अगर अध्यादेश कुरान और शरह की रोशनी में है तो कोई ऐतराज नहीं है।

बता दें कि तीन तलाक पर मोदी सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार देर रात इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्र सरकार के पास अब इस बिल को 6 महीने में पास कराना होगा। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। यह अध्यादेश अब 6 महीने तक लागू रहेगा।

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उल्लेखनीय है कि संविधान में अध्यादेश का रास्ता बताया गया है। किसी विधेयक को लागू करने कि लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। संविधान के आर्टिकल 123 के जब संसद सत्र नहीं चल रहा हो तो राष्ट्रपति केंद्र के आग्रह पर कोई अध्यादेश जारी कर सकते हैं। अध्यादेश सदन के अगले सत्र की समाप्ति के बाद छह हफ्तों तक जारी रह सकता है। जिस विधेयक पर अध्यादेश लाया जाता है, उसे संसद में अगले सत्र में पारित करवाना ही होता है। ऐसा नहीं होने पर राष्ट्रपति इसे दोबारा भी जारी कर सकते हैं।

अहम प्रावधान

1. किसी भी माध्यम से तुरंत तीन तलाक अपराध माना जाएगा। तीन साल की सजा का प्रावधान।

2. पीड़ित महिला या उसके रक्त संबंधियों की शिकायत पर ही कार्रवाई। पड़ोसी या अंजान व्यक्ति की शिकायत पर नहीं।

3. अपराध की सूचना पर पुलिस तुरंत गिरफ्तारी कर सकती है।

4. तीन तलाक देने वाले पति को मजिस्ट्रेट ही जमानत दे सकते हैं।

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