उत्तरप्रदेश की योगी सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने को लेकर सपा नेता आजम खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी है तो भाजपा या तो नौजवानों को नौकरी दे दे या फिर ताजमहल को गिराकर शिवमंदिर बना दे।

उन्होंने कहा कि किसी ज़माने में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज का नाम बदला गया था। तब दुनियाभर में उसका विरोध हुआ और नाम किंग जॉर्ज ही रहा। ऐसे ही रामपुर हमेशा से मुस्लिम बहुल इलाका रहा लेकिन इसका नाम रामपुर ही रहा, मुस्तफाबाद नहीं किया गया।

आजम खान ने कहा कि नाम तो दिलों पर लिखी इबारत होती है। खुले दिल के मुसलमानों ने नामों के साथ छेड़छाड़ नहीं की क्योंकि वे राम और मुस्तफा में फर्क नहीं करते। सपा नेता ने आशंका जताते हुए कहा कि कहीं सरकार मुस्लिमों से अपना नाम भी बदलने को न कह दे।

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उन्होंने कहा कि भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी है तो या तो 10 करोड़ नौजवानों को नौकरी दे या फिर ताजमहल को गिराकर शिवमंदिर बनाए। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद गिराई जा सकती है क्योंकि उससे कोई आमदनी नहीं। लेकिन ताजमहल नहीं गिराया जाएगा क्योंकि उससे तो करोड़ों का राजस्व आता है।

बता दे कि योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम बदलने पर कहा कि 500 साल पूर्व इलाहाबाद का नाम प्रयाग ही था। त्रिवेणी का संगम होने के कारण यह प्रयागराज हुआ। योगी ने विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें अपने इतिहास और परंपरा के बारे में जानकारी नहीं उनसे बहुत उम्मीद नहीं की जा सकती।

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