सीतापुर जेल में बंद रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को यतीमखाना मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस मामले के तहत आजम खान पर घर में घुसकर लूटपाट करने, मारपीट करने और तोड़फोड़ करने के आरोप लगे थे।

वहीं दूसरी और उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने वक्फ नंबर 157 का प्रत्यक्ष नियंत्रण ले लिया है। इसे आमतौर पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से संबंधित भूमि के रूप में जाना जाता है। अब तक आजम खान इसके प्रमुख थे ।

अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष ने वक्फ को एक प्रशासक-कार्यकारी अधिकारी जुनैद खान के अधीन कर दिया है, जो अब अगली सूचना तक पांच एकड़ से अधिक की व़क्फ संपत्ति का पांच साल तक प्रबंधन करेंगे। यह निर्णय मार्च में लिया गया था लेकिन लॉकडाउन के कारण इसे बताया नहीं किया जा सका। जुनैद खान को हाल ही में बोर्ड का पत्र मिला है।

आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, सुन्नी वक्फ बोर्ड को “मौजूदा मुतावल्ली (केयरटेकर) के संपत्ति को प्रबंधित करने में असमर्थ होने के कारण वक्फ संपत्ति का अतिक्रमण होने की आशंका थी।” लिहाजा इसे संपत्ति पर अधिकार करने के लिए आधार बनाया गया।

उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एस.एम. शोएब ने कहा, “ट्रस्ट को जमीन दी गई थी, जो उसका मुतावल्ली था। अब, वक्फ नंबर 157 बोर्ड के प्रबंधन के अधीन है।”

जुनैद खान ने कहा, “रामपुर के नवाब रजा अली खान द्वारा 1900 के दशक में एक अनाथालय के रूप में यह भूमि को प्राप्त हुई थी। उन अनाथों के करीब 40-42 वंशज उस भूमि पर रह रहे थे। 2016 में उन्हें हटा दिया गया और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने संपत्ति पर कब्जा कर लिया।”

उन्होंने आगे कहा, “एक निमार्णाधीन स्कूल में लगभग 35 फीसदी जमीन है और इसके अलावा, कुछ 26 लोगों को उनके घर में वापस लाया गया है।”

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