कांग्रेस के सीनियर लीडर गुलाम नबी आजाद का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए उन्हें अब कांग्रेस के हिंदू उम्मीदवार बुलाते ही नहीं हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए बुलाने से लोग ‘डरते’ हैं।

लखनऊ में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की 201वीं जयंती के मौके पर यहां के पूर्व छात्रों को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा, ‘युवा कांग्रेस के दिनों से ही मैं अंडमान से लेकर लक्षद्वीप तक चुनाव प्रचार करता आया हूं और चुनाव-प्रचार के लिए मुझे बुलाने वाले 95 प्रतिशत हिंदू होते थे। मुझे चुनाव प्रचार के लिए बुलाने वाले मुस्लिम नेताओं एवं भाइयों की संख्या महज पांच प्रतिशत हुआ करती थी।’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘लेकिन पिछले चार सालों में मैंने देखा है कि यह 95 प्रतिशत की संख्या कम होकर 50 प्रतिशत हो गई है। इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कुछ गलत है। आज लोग मुझे बुलाने से डरते हैं। लोग सोचते हैं कि इसका वोटर पर क्या असर होगा।’ उन्होंने कहा कि एक खास पार्टी के कुछ लोगों की तरफ से विश्वविद्यालय का नाम खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आजाद के बयान को हिंदुओं के लिए अपमान बताते हुए कहा है कि गुलाम नबी आजाद का बयान हिंदुओं के प्रति गाली है। उन्होंने हिंदुओं का अपमान किया है और देश की धर्मनिरपेक्षता को चोट पहुंचाया है।

पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के बुरे दिन आ गए हैं। इसलिए उनको प्रचार के लिए नहीं बुलाया जा रहा है। इसको वो हिंदू मुस्लिम रंग देकर हिंदुओं का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरी छात्रों का जिक्र कर दिया गया बयान भी गलत है। अगर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि करे तो उसकी आलोचना नहीं होगी।

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