लाभ पद के मामले में अयोग्य करार दिए गए आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने विधानसभा को भंग करने की अटकलों को ख़ारिज कर दिया है. सिसोदिया ने कहा ‘सरकार पूर्ण बहुमत में है क्योंकि पार्टी चुनाव कराना चाहेगी, विधानसभा भंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं हैं.

एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है. हमारी पार्टी को कोर्ट पर पूरा भरोसा है. हमको कोर्ट से न्याय मिलेगा. दिल्ली की जनता को न्याय मिलेगा. ये राजनीतिक षड्यंत्र दिल्ली की जनता के साथ हुआ है कि अगले दो साल दिल्ली में काम नहीं होने देने हैं बस चुनाव में धकेल दो दिल्ली को. चुनाव आयोग भी अगर सुनवाई कर लेता तो वे केस वहां भी नही टिक पाता, इसलिए डरकर चुनाव आयोग ने सुनवाई नहीं की. तो आप चिंता मत करो 20 की 20 सीट हमारे पास ही हैं, कोई कहीं नही जा रहा.’

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सिसोदिया ने विधायकों को अयोग्य होने के फैसले को केंद्र की बीजपी सरकार को षड्यंत्र बताते हुए कहा ‘पूरे देश मे जहां जहां भी संसदीय सचिव होते हैं वहां उनके नियुक्ती आदेश में लिखा होता है कि ये राज्य मंत्री के बराबर होंगे इनको इतनी तनख्वाह मिलेगी घर मिलेगी गाड़ी मिलेगी सुविधाएं मिलेंगी और प्रोटोकॉल मिलेगा, जबकि हमने जो संसदीय सचिव बनाये उसमे उनको ना तनख्वाह दी, ना घर दिया न कोई भत्ता आदि दिया फिर भी इनको अयोग्य घोषित कर दिया.’

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 116 संसदीय सचिव हैं, 11 छत्तीसगढ़ में हैं, जहां अगर 11 विधायक अयोग्य हो गए तो इनकी सरकार गिर जाएगी 4 हरियाणा में हैं, जिनकी सदस्यता खारिज कर दो तो सरकार गिर जाएगी लेकिन क्या चुनाव आयोग ये दिम्मत दिखा पाएगा?’

ध्यान रहे लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग की सिफारिश पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा मंजूरी देने के बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के 20 विधायकों की सदस्यता चली गई है.

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