Friday, September 17, 2021

 

 

 

अशोक गहलोत बने राजस्थान के तीसरी बार सीएम, विपक्ष की एकजुटता की दिखी झलक

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नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में और उनके साथ नई सरकार में बतौर उप मुख्यमंत्री शामिल हुए सचिन पायलट ने सोमवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कई अन्य विपक्षी नेता शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए।

समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के सीएम कुमार स्वामी, एनसीपी के शरद पंवार, नेशनल कॉफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी, झारखंड विकास पार्टी के बाबूलाल मरांडी, राजद के तेजस्वी यादव, द्रमुक के स्टालिन, कनीमोझी, सपा के राजकुमार और असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट बदरूद्दीन अजमल, लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पुड्डुचेरी के सीएम वी.नारायणसामी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कुमारी शैलजा, मुकुल वासनिक, जतिन प्रसाद, नवजोत सिंह सिद्दृ, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी सहित कई नेता समारोह में शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था, लेकिन ये नहीं पहुंचे। अखिलेश ने ट्वीट करके बताया कि उनके प्रतिनिधि के तौर पर विधायक राजेश कुमार जयपुर पहुंचे हैं।

ध्यान रहे गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने हैं। राज्य में तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाले वह चौथे नेता हैं। गहलोत से पहले भैंरो सिंह शेखावत और हरिदेव जोशी तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहे। हालांकि मोहन लाल सुखाड़िया सबसे अधिक चार बार इस पद पर रहे। गहलोत 1998 में पहली बार और 2008 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। इंदिरा गांधी के समय से राजनीति में सक्रिय गहलोत केंद्र में मंत्री भी रहे हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कई अहम पदों पर रह चुके गहलोत तीन बार कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। गहलोत ने राजनीति के अलावा 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी शरणार्थियों के शिविरों में काम किया और कई सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे।

उप मुख्यमंत्री बने पायलट फिलहाल राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। वह लोकसभा सदस्य और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह अपने जमाने में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राजेश पायलट के पुत्र हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिलने के बाद मुख्यमंत्री पद के चयन को लंबी खींचतान हुई।  गहलोत और पायलट दोनों इस पद की दौड़ में शामिल थे। मैराथन बैठकों और गहन मंथन के बाद 14 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष ने गहलोत को मुख्यमंत्री और पायलट को उप मुख्यमंत्री नामित करने का फैसला किया।

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