आरटीआई बिल पर चर्चा के दौरान आज लोकसभा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह आपस में उलझ पड़े।

दरअसल, सूचना का अधिकार (आरटीआई) संशोधन बिल पर बहस के दौरान ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर तंज कसा। एआईएमआईएम चीफ ने कहा, “आप कुछ बोलिए न। खड़े होकर बोलिए न। अरे गिरिराज जी, खड़े होकर बोलिए न…डर क्यों रहे हैं मुझसे, खड़े होकर बोलिए न। खड़े हो जाइए, हम बैठते हैं (मुस्कुराते हुए)।” ओवैसी इसके बाद बैठ गए और बोले, “मैं दरख्वास्त करता हूं, बोलिए न।”

हालांकि, वह फिर खड़े हुए और कहने लगे, “इस पर तो आप मत बोलिए, आप पाकिस्तान के एक्सपर्ट हैं।” आगे लोक अध्यक्ष को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा- इस आरटीआई का प्रिएंबल क्या है? प्रिएंबल कहता है…पारदर्शिता और जवाबदेही। क्या आप इससे ये चीजें हासिल कर रहे हैं? मुझे तो नहीं लगता है। आप ऐसे ही कुछ भी नहीं करते जाएंगे।

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ओवैसी ने लॉ कमीशन की रिपोर्ट का जिक्र भी किया और नरेंद्र मोदी सरकार पर आरटीआई कानून खत्म करने का आरोप मढ़ा। बकौल ओवैसी, “आखिरी बात मैं कहना चाहूंगा कि लॉ कमीशन की रिपोर्ट आई। सरकार ने 2017 के फाइनैंस बिल के तहत तमाम ट्रिब्यूनल्स की तन्ख्वाह को उचित बताया। क्या उस कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया कि चीफ इन्फॉर्मेशन या स्टेट इन्फॉर्मेशन की सैलरी में कमी लाई जाए।”

वह आगे बोले, “अरे, आखिर आप न आयोग को मानते हैं और न ही संविधान को मानते हैं। आप केवल अपनी मर्जी को मानते हैं। ऐसे में मैं इस बिल की मुखालफत करता हूं। साथ ही सरकार से गुजारिश करता हूं कि जरूर कानून बनाइए, पर यह कानून मॉडिफिकेशन ऑफ आरटीआई हो रहा है।”

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