भागवत के ‘हिंदू राष्ट्र’ बयान पर बोले ओवैसी – अल्पसंख्यकों को…..

11:24 am Published by:-Hindi News

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू राष्ट्र पर दिए बयान को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कहा है कि हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना असुरक्षा से उत्पन्न कल्पना की उड़ान है।

एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का विचार हिंदू वर्चस्व पर आधारित है। इसका मतलब है जो भी हिंदू नहीं है, उसे वश में करना है। अल्पसंख्यकों को केवल भारत में रहने की अनुमति दी जाएगी। संविधान के अनुसार हम इंडिया यानी भारत हैं। हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना असुरक्षा से उत्पन्न कल्पना की उड़ान है।

उन्होने भागवत के लीचिंग पर दिए बयान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा है कि जिस विचाराधारा ने महात्मा गांधी और तबरेज अंसारी जैसे लोगों की हत्या की उस विचारधारा से भारत की ज्यादा बदनामी हो रही है।

ओवैसी ने कहा कि आरएसएस चीफ लींचिंग पर रोक लगाने की बात नहीं कह रहे, बल्कि ये कह रहे हैं कि इसे लींचिंग न कहा जाए। दरअसल भागवत ने आरएसएस के 94वें स्थापना दिवस पर कहा है कि लींचिंग शब्द भारत पर थोपा जा रहा है यह एक पश्चिमी कल्चर से जुड़ा शब्द है। ओवैसी ने इसी पर प्रतिक्रिया दी है।

ओवेसी ने बीड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि 2014 के बाद से भारत में मॉब लिंचिंग की घटना बढ़ रही है, वह भी जानबूझकर की गई मानसिकता के साथ। उन्होंने कहा कि अगर मोहन भागवत कहते हैं कि मॉब लिंचिंग का भारत के साथ कोई संबंध नहीं है, तो मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं …मॉब लिंचिंग का इस देश के साथ संबंध है…. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जिस तरह से सिख समुदाय के लोगों को मारा गया, वह भी मॉब लिंचिंग था।

ओवैसी ने कहा, अगर वे (मोहन भागवत) यह कहना चाहते हैं कि मॉब लिंचिंग का भारत से कोई संबंध नहीं है, तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि 2002 में गुजरात में क्या हुआ था… अगर मोहन भागवत कहते हैं कि मॉब लिंचिंग से कोई संबंध नहीं है तो भागवत को वैसे लोगों को, गोडसे की मानसिकता वाले लोगों को रोकना चाहिए जिन्होंने तबरेज की हत्या की…तबरेज अंसारी की हत्या करने वालों का बीजेपी मंत्री ने स्वागत किया था. इसलिए जब तक ऐसी हत्याएं होती रहेंगी, भारत में मॉब लिंचिंग बना रहेगा।

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