राजस्थान के भरतपुर जनाना अस्पताल में मुस्लिम होने की वजह से गर्भवती महिला के इलाज से इंकार कर देने पर एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की गहलोत सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

औवैसी ने ट्विटर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को टैग करते हुए कहा है कि कर्मचारियों को आम अपराधियों के रूप में दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो मिसाल बन जाए। ओवैसी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि वे एक मासूम की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। क्या हमें अब स्वास्थ्य सेवा मांगना बंद कर देना चाहिए? मुस्लिम विरोधी घृणा हर रोज नई ऊंचाइयों तक पहुंचती जा रही है और हमारी जिंदगियां लील रही है।

ओवैसी ने अपने अगले ट्वीट में इस समस्या को लेकर कुछ सवाल भी खड़े किए हैं। ओवैसी ने लिखा है कि क्या हिंदुत्व का कट्टरपंथ इतना भयंकर हो गया है क्योंकि इसे सरकार का समर्थन प्राप्त है या क्योंकि यह समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा गले लगाया गया है? क्या इससे मुकाबला करने के लिए कुछ किया जाएगा?

बता दें कि राजस्थान के पर्यटन व देवस्थान मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने ट्वीट किया था कि भरतपुर जिले के गांव बेलानगर निवासी प्रवीणा पत्नी इरफान के प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे सीकरी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से चिकित्सकों ने उसे भरतपुर के जनाना के अस्पताल में रैफर ​कर दिया।

उन्होने बताया कि जनाना अस्पताल भरतपुर में डॉ. मौनित वालिया ने महिला के मुस्लिम होने की वजह से अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया और जयपुर जाने को कहा। इस पर परिजन प्रवीणा को लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गए। जयपुर के रास्ते में गाड़ी में ही प्रवीणा के प्रसव हो गया, लेकिन नवजात की मौ’त हो गई।

उन्होने अपने ट्वीट में ये भी कहा, ताज्जुब की बात तो यह है कि राजस्थान के चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग भरतपुर शहर से विधायक हैं। भरतपुर जनाना अस्पताल का यह मामला बेहद शर्मनाक है। हमारी सरकार धर्म निरपेक्ष है। संवेदनशील है। निश्चित रूप से पूरे मामले से चिकित्सा मंत्री को अवगत करवाया जाएगा और चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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