अपने पति और ससुराल वालों के दहेज़ को लेकर किये जा रहे जुल्म से तंग आकर अहमदाबाद की आयशा ने साबरमती नदी में कूदकर अपनी जान दे दी थी। इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

ओवैसी ने एक सभा में आयशा की मौत का जिक्र करते हुए कहा, अहमदाबाद से एक बच्ची का वीडियो आया है, जिसने खुदकुशी कर ली। ये बहुत दर्दनाक है। उस बच्ची (आयशा) पर जुल्म किया गया और इस कदर उसको परेशान कर दिया गया कि उसने जिंदगी खत्म कर ली। मैं तो अल्लाह से दुआ करूंगा कि उस बच्ची पर जुल्म करने वालों को बर्बाद कर दे।

ओवैसी ने आगे कहा, मैं आप तमाम से अपील करता हूं कि आप किसी भी मजहब के मानने वाले हों लेकिन इस दहेज के लालच से दूर रहो। इस दहेज को खत्म करो। ये समझ लो कि बीवी पर जुल्म करना, उस पर हाथ उठाना और उससे पैसा मांगना मर्दानगी नहीं है। समझ नहीं आता कि क्या हो गया है, बच्चियों को मारकर मर्द बन रहे हो, क्या इंसानियत मर चुकी है। दुनिया की नहीं तो मरने के बाद की सोचिए कि अल्लाह को क्या मुंह दिखाओगे।

ओवैसी ने कहा, एक पिता की तकलीफ तुम नहीं समझ सकते। दहेज के चलते कैसे लोग परेशान होते हैं, मैं कई ऐसे बुजुर्गों को जानता हूं जो जिंदगी के आखिरी वक्त में मेरा हाथ पकड़कर कहते हैं असद साहब बच्ची की शादी है कुछ इंतजाम करवा दो। उनके दर्द को समझो और इस दहेज को बंद करो। ओवैसी ने कहा, अल्लाह के रसूल ने कहा था कि बेहतरीन इंसान वो है जो अपने घरवालों से अच्छा बर्ताव करे, मैं उन तमाम मुसलमानों से अपील कर रहा हूं कि अपने रसूल की तो सुनिए।

बता दें कि आयशा ने कुछ दिन पहले अहमदाबाद में साबरमती नदी मे कूद कर जान दे दिया था। उसने सुसाइड करने से पहले हंसते-हंसते एक वीडियो बनाया था। इस वीडियो को देखकर पता चल रहा था कि वह अपने पति से बहुत प्यार करती थी, क्योंकि वह डियर डैड आरिफ (पति) आजाद रहना चाहता है, केस वापस ले लीजिए। आयशा लड़ने के लिए नहीं बनी है। मैं अल्लाह के पास जा रही हूं खुश हूं।