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नई दिल्ली | 16 नवम्बर से संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. लेकिन संसद में अभी तक कोई काम नही हो पाया है. इस सत्र में केवल एक दिन राज्यसभा का सत्र चला है. इसके बाद से विपक्ष लगातार नोट बंदी पर चर्चा करना चाहता है. हालांकि सत्ता पक्ष चर्चा करने के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष वोटिंग के अधिकार के साथ चर्चा कराना चाहता है जो उन्हें मंजूर नही.

बुधवार को संसद सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष की मांग थी की चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी शामिल हो और चर्चा के बाद इस पर वोटिंग कराई जाए. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाब नबी आजाद ने कहा की सरकार के नोट बंदी के फैसले से 86 लोग मर चुके है. इसकी जिम्मेदारी किस पर है. कोई तो इन लोगो की जिम्मेदारी लेगा. पूरा देश लाइन में लगा हुआ है.

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इसका जवाब देते हुए अरुण जेटली ने कहा की आप केवल टीवी पर दिखने के लिए रोज एक ही मुद्दा उठा रहे है. जीरो ऑवर में रोज एक ही मुद्दा उठाना सही नही है. अगर आप इतने ही गंभीर है तो इस पर चर्चा करे, सरकार नोट बंदी पर चर्चा करने के लिए तैयार है. आप लोगो की मांग थी की प्रधानमंत्री चर्चा में भाग ले. अब प्रधानमंत्री जी चर्चा में शामिल होने के लिए तैयार है . अब आप दूसरी मांग कर रहे है. अगर हिम्मत है तो चर्चा करे.

विपक्ष के नियम 56 के तहत चर्चा कराने पर सरकार राजी नही है. उधर हंगामा बढ़ने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है. लोकसभा में अब भी हंगामा हो रहा है. विपक्ष नियम 56 के तहत चर्चा कराने अपर अडा हुआ है. वही संसद में आज बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई जिसमे मोदी ने ईवीएम् की तरह कैश लेस का प्रचार करने की बात कही.

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