लोकसभा में नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल किया जाना चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले साल 5 अगस्त को उठाए गए कदमों के बारे में सोचने की जरूरत है। आज भी मध्य कश्मीर में एनकाउंटर चल रहा है। कोई शांति नहीं है। शांति तभी आएगी जब उन कदमों को वापस ले लिया जाएगा, इसके बिना कोई शांति नहीं हो सकती।

बता दें कि संसद ने पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और राज्य के दो संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजन के लिए एक विधेयक पारित किया था।

फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्रशासित प्रदेश की मौजूदा स्थिति का मुद्दा शनिवार को सदन में उठाते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर में प्रगति होनी चाहिए थी लेकिन वहां कोई प्रगति नहीं हुई है। आज हमारे बच्चों और दुकानदारों के पास 4जी इंटरनेट की सुविधा नहीं है, जबकि पूरे देश में है।

उन्होंने कहा, ‘आज भी हमारे बच्चों और दुकानदारों के पास 4जी इंटरनेट की फैसिलिटी नहीं है, जबकि हिंदुस्तान की बाकि जगहों पर है। वो तालीम कैसे ले सकते हैं जबकि सबकुछ आज इंटरनेट पर है।’ उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हम जिस तरह से चीन से बात कर रहे हैं उसी तरह पड़ोसी से बात करनी पड़ेगी। रास्ता निकालना पड़ेगा।

अब्दुल्ला ने कहा कि अगर हिंदुस्तान तरक्की कर रहा है तो क्या जम्मू-कश्मीर को तरक्की नहीं करनी चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा, ‘बॉर्डर पर होने वाली झड़पें बढ़ रही हैं और लोग मर रहे हैं। इस स्थिति से निकलने का कोई रास्ता निकालना पड़ेगा। जिस तरह आप चीन से बातचीत कर रहे हैं कि वो पीछे हट जाए वैसे ही हमें हमारे पड़ोसियों से बात करनी चाहिए।’

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano