नई दिल्ली । विदेशी धरती से शुरू हुआ अभियान #MeToo अब भारतीय फ़िल्म उधोग से लेकर भारतीय राजनीति में भूचाल ला रहा है। पहले अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर के ख़िलाफ़ छेड़छाड़ का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी तो अब मोदी सरकार में मंत्री एमजे अकबर इस अभियान की चपेट में आ गए है। बीते दिनो उनके ख़िलाफ़ तीन महिला पत्रकारों ने यौन शोषण का आरोप लगाया।

वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी, शूमा राहा और लेखिका प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने अकबर पर आरोप लगाए हैं। इनके अलावा अब एक और पत्रकार गजला वहाब भी सामने आयी है। गजला ने एमजे अकबर पर अपने केबिन में बुलाकर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। गजला ने उस घटना का ज़िक्र करते हुए बताया की जब  वो 1994 में अंग्रेजी अखबार ‘द एशियन एज’ में कार्य करती थीं और अकबर इस अखबार के संपादक थे।

गजला ने आगे बताया की वह अकबर से काफ़ी प्रभावित थी। लेकिन जल्द ही वह अकबर के उस रूप से वाक़िफ़ हुई जिससे उनका सारा भ्रम टूट गया। गजला ने घटना के बारे में बताया की 1997 में उन्होंने केबिन में बुलाकर मेरे साथ अश्लील हरकत की। इस घटना का ज़िक्र करने से पहले गजला 6 अक्टूबर को एक ट्वीट भी कर चुकी है। जिसमें उन्होंने लिखा की उन्हें आश्चर्य है कब एम जे अकबर के बारे में #MeToo अभियान के तहत जलद्वार खुलेगा। इसके बाद ही तीनो पत्रकारों ने एमजे अकबर पर आरोप लगाए।

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एक केंद्रीय मंत्री के ऊपर इस तरह के आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने एमजे अकबर से इस्तीफ़े की माँग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयपाल रेड्डी ने कहा की इन आरोपो के बाद अकबर को इस्तीफ़ा देना चाहिए।  कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं के हक में खड़ा होने की बात आती है तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चुप्पी साध लेती हैं।

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