नई दिल्ली | हरियाणा की खट्टर सरकार में मंत्री अनिल विज के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बयान पर सियासी संग्राम शुरू हो गया है. कांग्रेस से लेकर वाम दलों ने विज के ब्यान की कड़ी निंदा की है. वही महात्मा गाँधी के प्रपोत्र तुषार गाँधी ने इसे बीजेपी और आरएसएस का बापू के खिलाफ अभियान करार दिया. उधर बीजेपी ने अनिल विज के बयान से पल्ला झाड़ते हुए इसे उनकी निजी राय बताया.

अनिल विज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा की बीजेपी नेताओ और मंत्रियो से ऐसे ही आपत्तिजनक बयानों की उम्मीद रहती है. उधर कम्युनिस्ट नेता वृंदा करात ने विज के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा की उनकी ऐसी ही विचारधारा है. उनकी विचारधारा ने पहले गाँधी जी को देश से हटा दिया और अब वो नोटों से भी उन्हें हटाने की तैयारी कर रहे है.

महात्मा गाँधी के प्रपोत्र तुषार गाँधी ने अनिल विज के बयान पर बोलते हुए कहा की यह एक सोचा समझा अभियान है जो पार्टी मुख्यालय और आरएसएस की तरफ से चलाया जा रहा है. तुषार गाँधी ने मोदी को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा की एक तरफ मोदी जी गाँधी जी की बात करते है लेकिन उनके खिलाफ बोलने वालो के खिलाफ कोई कार्यवाही नही करते.

विवाद बढता देख बीजेपी और मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर मीडिया के सामने आये. खट्टर ने विज के बयान को उनकी निजी राय बताते हुए कहा की गांधी जी देश के आदर्श है , उनकी वजह से रूपए में गिरावट नही आई. ये पार्टी के विचार नही है. उधर बीजेपी प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा की हम इस बयान की कड़ी निंदा करते है. वो हमारे आइकॉन है. वही अनिल विज ने अपने बयान को वापिस लेते हुए ट्वीट किया की अगर कोई इस बयान से आहत हुआ है तो मैं अपना बयान वापिस लेता हूँ.


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