पाकिस्तान सेना प्रमुख को गले लगाने को लेकर विवादों में आए पूर्व क्रिकेटर और पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बीजेपी और अकाली दल ने निशाने पर ले लिया है। बीजेपी ने उन्हे पाकिस्तान चले जाने की सलाह दे डाली तो अकाली दल ने उन्हे आईएसआई एजेंट करार दे दिया।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी नेता अनिल विज ने कहा कि सिद्धू पाकिस्तान ही चले जाएं तो अच्छा है। उन्होंने कहा, नवजोत सिंह सिद्धू जी यदि आतंकिस्तान (पाकिस्तान) और उसकी गोली की भाषा आपको इतनी ही अच्छी लगती है तो आप हिंदुस्तान में रह कर पाक एजेंट की तरह पाकिस्तान का गुणगान करने की बजाए पाकिस्तान ही चले जाएं तो अच्छा है।

वहीं, पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सिद्धू को भारत में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एजेंट बताया है। सुखबीर के अलावा केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने सिद्धू पर हमला करते हुए पूछा कि सिद्धू को दुश्मन से इतना प्यार क्यों है?

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बता दें कि सिद्धू ने कहा कि, ‘दक्षिण भारत से बेहतर है पाकिस्तान, क्योंकि पाकिस्तान में न तो भाषा बदलती है और न ही लोग बदलते हैं । जबकि दक्षिण भारत में जाने पर भाषा से लेकर खानपान तक सब कुछ बदल जाता है, आपको वहां रहने के लिए अंग्रेजी या तेलुगू सीखनी पड़ेगी लेकिन पाकिस्तान में यह जरूरी नहीं है।’

इतना ही नहीं पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाने पर उन्होने कहा कि उन्हें पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाने का कोई पछतावा नहीं है और यदि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर को खोलता है तो वह पाकिस्तान आर्मी चीफ को ना सिर्फ गले लगाएंगे ब्लकि उन्हें चूम भी लेंगे।

सिंह ने कहा कि मेरी झप्पी के पीछे कोई साजिश नहीं है और ना ही कोई राफेल डील है। मैं सिर्फ गले मिला..क्या ये कोई साजिश है? मेरा मतलब है कि कोई मुझसे कहता है कि वो बाबा नानक का लंगा, करतारपुर दा लंगा खोलेगा तो मैं उसे ना सिर्फ गले लगाऊंगा बल्कि उसे चूम भी लूंगा। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैं अपने प्यार को इसी तरह से प्रदर्शित कर सकता हूं। मुझे आलोचकों की गंदी राजनीति की परवाह नहीं है।

उन्होने बताया, सिखों के लिए यह कॉरिडोर खुलना एक सपना है। जब कराची और मुंबई के बीच व्यापार संधि हो सकती है तो अमृतसर और लाहौर के बीच ये दूरियां भी मिट जानी चाहिए। सिद्धू ने लिटफेस्ट की शुरुआत शायराना अंदाज में ‘सरकारें ताउम्र यही भूल करती रहीं, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करती रहीं’ से की।

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