हिंदी को लेकर अमित शाह पर बरसे केरल सीएम, बोले – भाषा के नाम पर यु*द्ध की घोषणा…

7:21 pm Published by:-Hindi News
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रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने हिंदी भाषा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की आलोचना की है। विजयन ने कहा कि यह विवाद खड़ा करने का सुनियोजित प्रयास है जिससे देश के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं से ध्यान बंटाया जा सके।

बता दें कि शाह ने शनिवार को हिंदी दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि केवल हिंदी ही देश को एकजुट कर सकती है। इस दौरान उन्होंने अपील की थी कि हिंदी को प्राथमिक भाषा बनाया जाए क्योंकि भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक भाषा का होना जरूरी है।

शाह के इस बयान पर उन्होंने फेसबुक पोस्ट करके लिखा, ‘देश के विरोध के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हिंदी एजेंडे पर जोर देने को भाषा के नाम पर एक नया युद्धक्षेत्र शुरू करने के लिए संघ परिवार के संकेतों के रूप में देखा जाना चाहिए। यह धारणा कि केवल हिंदी ही देश को एकजुट कर सकती है पूरी तरह से गलत है। दक्षिण और उत्तर-पूर्व में लोग हिंदी नहीं बोलते हैं।’

वहीं स्टालिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदी को यदि राष्ट्रीय भाषा के तौर पर थोपा जाएगा तो इससे देश की एकता प्रभावित होगी। तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री केए सेनगोट्टियां ने कहा कि राज्य में दो भाषाओं (मातृभाषा तमिल और अंग्रेजी) का चलन है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि तीन-भाषा के फार्मूले के साथ छेड़छाड़ करने की कोई कोशिश नहीं की जानी चाहिए। तीन भाषा के फॉर्मूले को हिंदी, अंग्रेजी और संबंधित राज्य की क्षेत्रीय भाषा के तौर पर समझा जाता है।

इसके अलावा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, ‘नरेंद्र मोदी कन्नड़ भाषा दिवस कब मनाएंगे चूंकि यह संविधान के अनुसार हिंदी के साथ एक अनुसूचित भाषा है।’ कर्नाटक के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, ‘इस झूठ पर रोक लगनी चाहिए कि हिंदी राष्ट्रभाषा है।’ उन्होंने कहा कि विपक्ष हिंदी के खिलाफ नहीं है बल्कि इसे जबरन थोपने के खिलाफ है।

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