2014 के लोकसभा चुनाव में आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हैदरबाद आकर उन्हें हराने की चुनौती दी थी. जिसके बाद उन्होंने बड़ी रैली भी की थी लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए.

अपनी इस हार की टीस को पूरा करने के लिए बीजेपी के चाणक्य अमित शाह ने ओवैसी को हराने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. हालांकि अभी चुनाव में दो साल का लम्बा वक्त बाकी है. ‘मिशन 2019’के तहत पार्टी तेलंगाना में ज्यादा से ज्यादा विधानसभा और लोकसभा सीटों पर विजय हासिल करने के लिए रणनीति बना रही है.’

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तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता कृष्ण सागर राव ने कहा कि ‘मिशन 80’ रणनीति के तहत भाजपा की निगाह 119 विधानसभा सीटों में से 80 सीटों पर और 17 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से 15 पर जीत हासिल करने पर है. उन्होंने कहा कि भाजपा की केन्द्रीय इकाई ओवैसी को हराने की योजना बना रही है. ओवैसी हैदराबाद से तीन बार से लोक सभा सदस्य हैं और एआईएमआईएम के प्रमुख हैं.

राव ने कहा, ‘हम ओवैसी विरोधी लहर पर काम कर रहे हैं. हमारा स्पष्ट तौर पर यह मानना है कि पुराने शहर के मतदाता (एआईएमआईएम के जनाधार वाला क्षेत्र) एआईएमआईएम के बंधक हैं. उनके पास कोई विकल्प नहीं है और यदि उन्हें विकल्प दिया जाए तो पूरे सातों विधानसभा क्षेत्र उस विकल्प के पक्ष में मतदान करेंगे.’

न्होंने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों और देवबंद में असरदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश में हमने जो हासिल किया वह वही विकल्प है. हमने उत्तर प्रदेश में बिना किसी मुस्लिम उम्मीदवार के अधिकतर सीटें जीतीं हैं. ऐसा ही कुछ (हैदराबाद में) होने जा रहा है. हम असदुद्दीन ओवैसी के स्पष्ट विकल्प के तौर पर उभरेंगे और सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता समझ जाएंगे कि यह विकल्प ही जीतने जा रहा है और वह हमारे लिए मतदान करेंगे. यही योजना है.’

राव ने कहा, ‘योजना (ओवैसी को हराने की) भाजपा के किसी बड़े नेता को खड़ा करने से लेकर कुछ भी हो सकती है.’ शाह ने मिशन 2019 के लिए रणनीति बनाने और 350 से ज्यदा लोकसभा सीट जीतने के तरीकों को लेकर पिछले सप्ताह एक बैठक की अध्यक्षता की थी. उन्होंने नेताओं से उन 150 सीटों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जिन पर पार्टी 2014 के चुनावों में हारी थी.

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