नई दिल्ली | दिल्ली में चल रही बीजेपी राष्ट्रिय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ चौकाने वाले दावे किये है. उनके दावों के बाद विपक्ष सरकार पर और हमलावर हो सकता है. अमित शाह ने दावा किया की नोट बंदी की तैयारी पिछले ढाई साल से चल रही थी. अगर अमित शाह की बातो का यकीन किया जाए तो नोट बंदी के बाद हुई अव्यवस्था पर विपक्ष का सवाल उठाना लाजिमी है.

नोट बंदी के बाद से विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ आक्रमक रुख अपनाए हुए है. सरकार के इस फैसले के बाद से देश के एटीएम और बैंकों में कैश की भारी किल्लत है. सरकार ने 500 और 1000 के नोट बंद कर 500 और 2000 के नोट चलाने का फैसला किया लेकिन नए नोट का साइज़ इतना छोटा रखा गया की देश के सभी एटीएम को कैलिब्रेट करने की नौबत आ गयी. यह सारा काम नोट बंदी के बाद किया गया.

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विपक्ष सरकार पर आरोप लगाता रहा की सरकार ने बिना तैयारी के नोट बंदी लागु कर दी. अब अमित शाह का यह दावा की नोट बंदी की तैयारिया ढाई साल से हो रही थी, कही न कही हास्यपद लगती है. अमित शाह ने बैठक में यह भी दावा किया की हमारी तैयारियों की वजह से ही पाक में नकली नोटों बनाने वाले गिरोह के मुखिया ने खुदख़ुशी कर ली.

अमित शाह ने कहा की देश की जनता ने हमें सिर्फ शासन करने के लिए सत्ता नही दी थी बल्कि देश में बदलाव लाने के लिए सत्ता सौपी थी. सत्ता में आते ही मोदी जी ने नोट बंदी की तैयारिया शुरू कर दी. इसी का नतीजा था की देश में जनधन खाते खुलवाये गए, बचत खातो की संख्या बढाई गयी और देश में मोबाइल उपभोक्ताओ की संख्या को भी बढाया गया.

अमित शाह ने दावा किया की नोट बंदी से आतंकवाद , नकली नोट और भ्रष्टाचार के ऊपर चौतरफा वार हुआ है. नोट बंदी के बाद से घाटी में आतंकवादी घटनाये कम हुई है. नकली नोट और हवाला कारोबारियों को बड़ा नुक्सान हुआ है.

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