allnewsimage2985

नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सियासी कुनबे में मचे घमासान के लिए दो व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इनमे से एक अमर सिंह है और दुसरे शिवपाल यादव. कल अखिलेश यादव ने राष्ट्रिय अधिवेशन में दोनों लोगो पर पार्टी को नुकसान पहुँचाने और उनके पिता को बरगलाने का आरोप लगाया. आज इस मामले पर अमर सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.

सोमवार सुबह लन्दन से लौटे अमर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा की मुलायम सिंह के साथ मैं हमेशा रहूँगा. मैं उनके साथ से नायक बना तो खलनायक बनने के लिए भी तैयार हूँ. मेरे लिए दल को कोई महत्तव नही है बल्कि दिल का महत्तव है. मुलायम मेरे दिल में है. यह बोलते समय अमर सिंह की जुबान पर दर्द साफ़ झलक रहा था.

अमर सिंह ने आगे कहा की मैंने हाथ जोड़कर राज्यसभा का टिकेट नही माँगा था. मुझे नेता जी ने राज्यसभा में भेजा. इससे पहले अमर सिंह मीडिया से भी नाराज दिखे. छुट्टी बीच में छोड़कर वापिस आने के सवाल पर वो भड़क गए. उन्होंने कहा की अब मैं आप लोगो से पूछकर वापिस आऊंगा? क्या आप विदेश मंत्रालय है?

अमर सिंह , मुलायम फॅमिली में आये दरार के लिए खलनायक बताये जा रहे है. अखिलेश और रामगोपाल यादव बार बार अमर सिंह को पार्टी से निकालने की मांग करते आये है. अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर लन्दन से ही सफाई देते हुए अमर सिंह ने कहा था की जिन लोगो को यह ग़लतफ़हमी है की मैं पार्टी और परिवार को तोड़ने की कोशिश कर रहा हूँ, मैं उन लोगो को बताना चाहता हूँ की मेरा मकसद तोडना नही बल्कि जोड़ना है. और अगर मेरी वजह यह सब खत्म होता हो तो मैं अपना बलिदान देने के लिए तैयार हूँ.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें