पार्टी से निकाले जाने के फैसले से अमनातुल्ला दुखी कहा, कुमार ने तोडा अनुशासन

नई दिल्ली | एमसीडी चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी में मचा घमसान बुधवार को खत्म हो गया. पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने और पार्टी को हड़पने का आरोप लगाने वाले आप विधायक अमनातुल्ला खान के निलंबन के साथ ही सारे गिले शिकवे दूर हो गए और कुमार को नयी जिम्मेदारी देते हुए राजस्थान का प्रभारी नियुक्त कर दिया गया.

लेकिन पार्टी से निलंबित होने के बावजूद अमनातुल्ला खान के सुर बदलते नही दिख रहे है. उन्होंने एक बार फिर कुमार विश्वास पर निशाना साधते हुए कहा की अनुशासनहीनता मैंने नही बल्कि कुमार ने की थी. उन्होंने पहले विडियो जारी कर पार्टी का अनुशासन तोडा था. इसलिए पार्टी से निलंबित करने के फैसले से मैं दुखी हूँ लेकिन अरविन्द जी के साथ मैं पहले भी खड़ा था और आगे भी खड़ा रहूँगा.

अमनातुल्ला खान ने पार्टी छोड़ने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने कहा की मैं पार्टी नहीं पार्टी से निलंबित होने के बावजूद मेरी पार्टी में पूरी आस्था है. बताते चले की बुधवार को अरविन्द केजरीवाल के घर हुई PAC के बैठक में अमनातुल्ला खान के खिलाफ एक जांच कमिटी गठित करने का फैसला हुआ. जो उनके बयान की जांच करेगा और दो महीने के अन्दर अपनी रिपोर्ट देगा. तब तक अमनातुल्ला पार्टी से निलंबित रहेंगे.

दरअसल इस पुरे घमासान की शुरुआत तब हुई जब एमसीडी चुनावों में हार के बाद पार्टी नेताओं ने ईवीएम् के ऊपर हार का ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया. लेकिन कुमार ने अलग स्टैंड अपनाते हुए पार्टी की कुछ गलतियों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया. उनके इस इंटरव्यू पर अमनातुल्ला खान ने एएनआई से बात करते हुए कहा की वो बीजेपी और आरएसएस के एजेंट है और पार्टी को हड़पना चाहते है.

अमनातुल्ला के बयान से नाराज कुमार ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उसके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा. उनकी मांग पर पार्टी ने अमनातुल्ला खान को PAC की सदस्यता से निलाबित कर दिया. लेकिन इसके बावजूद अमनातुल्ला अपने बयान पर कायम रहे. दूसरी बार भी वही बयान देने की वजह से कुमार और नाराज हो गए और अमनातुल्ला खान को पार्टी से निकालने की मांग पर अड़ गए.

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