शिवपाल यादव की प्रसपा और पीस पार्टी के बीच हुआ गठबंधन, अपना दल का भी मिला साथ

7:29 pm Published by:-Hindi News

लोकसभा चुनावों में शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया और पीस पार्टी के बीच गठबंधन हुआ है।शिवपाल यादव और पीस पार्टी प्रमुख डॉ. अय्यूब ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेस के जरिए इस बात घोषणा की।

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मुसलमान, नौजवान, किसान को ठगा है, उसके खिलाफ हमारा गठबंधन तैयार हो रहा है। लोकसभा चुनाव 2019 में पीस पार्टी का साथ हमारे गठबंधन को मजबूती देगा। पिछले दिनों अपना दल की कृष्णा पटेल का भी हमें साथ मिल गया है। हमारे गठबंधन में शामिल पार्टियां अपने क्षेत्र में मजबूत स्थिति में हैं।

शिवपाल यादव ने कहा कि मैंने नेताजी की बात को कभी भी इंकार नहीं किया है। अगर नेताजी कहते हैं ​तो अपर्णा यादव को टिकट देकर चुनाव लड़ायेगें। उन्होंने अपने पार्टी के साथ अन्य दलों को मिलाकर गठबंधन को मजबूत करने का प्रयास किया है, अभी कांग्रेस से गठबंधन का प्रयास जारी है।

शिवपाल यादव  ने आगे कहा कि हमने लगातार यह कोशिश की कि भाजपा के खिलाफ एक निर्णायक मोर्चा बने, हमने पिछले लोकसभा में भी एक बड़ा गठबंधन बनाने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों के स्वार्थ की वजह से यह संभव न हो सका। मैंने विभिन्न मंचो पर भाजपा के विरुद्ध एक कारगर महागठबंधन की संकल्पना की थी। उसमें हिन्दी पट्टी के सभी सेक्युलर दलों को समाहित करने पर विचार किया गया था. लेकिन निजी स्वार्थ व सत्तालोलुपता की वजह से यह संकल्पना सफल न हो सका। इसी को ध्यान रखकर वर्तमान में भी सेक्युलर मोर्चा के अंतर्गत सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले 40 विभिन्न दलों का एक गठबंधन बनाया है।

पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अयूब ने कहा कि उनके द्वारा सपा व बसपा के गठबंधन में शामिल होने का प्रयास किया गया था। वे स्वार्थी लोग उनकी बातों को अनदेखा कर गए। उनको एक मजबूत गठबंधन मिला है। प्रसपा के साथ गठबंधन से पीस पार्टी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में पीस पार्टी बनी और इसी पार्टी ने 2012 के विधानसभा चुनाव में तीन सीटें जीतकर खुद को बड़े दल के रुप में साबित किया।

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