लखनऊ | उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावो के लिए सपा, कांग्रेस और रालोद के बीच गठबंधन के आसार है. हालाँकि अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नही हुई है. समाजवादी पार्टी पर अखिलेश का अधिकार सिद्ध होने के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे थे की कभी भी गठबंधन की घोषणा हो सकती है. लेकिन इस गठबंधन में रालोद की वजह से पेंच फंसा हुआ है.

मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रिय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह गठबंधन में 30 सीटे मांग रहे है जबकि समाजवादी पार्टी उन्हें 25 से ज्यादा सीटें देने पर तैयार नही है. रामगोपाल यादव ने गठबंधन के पेंच पर बोलते हुए कहा की कांग्रेस अपने कोटे से रालोद को अधिक सीट दे सकती है. लेकिन कांग्रेस खुद 100 से ज्यादा सीटें पर दावेदारी जता रही है.

फ़िलहाल खबर यह है की सपा के रुख के बाद अजित सिंह अपने रुख से पीछे हटने को तैयार हो गए है. अजित सिंह 25 सीटो पर लड़ने के लिए राजी हो गए है. फ़िलहाल जिन सीटो पर मतभेद है उनमे सिवालखास (मेरठ), सादाबाद (हाथरस) और बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) की सीटे शामिल है. रालोद इन सीटो पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है लेकिन इनमे से बुढाना सीट पर समजवादी पार्टी का स्टैंडिंग विधायक है.

हालाँकि एक फोर्मुले पर बात बनती दिख रही है. समाजवादी पार्टी मौजूदा MLA की सीट बदलने और दो में से एक सीट पर दावेदारी छोड़ने को तैयार हो गयी है. उधर कांग्रेस के साथ भी बात बनती दिख रही है. अखिलेश कांग्रेस को 89 सीटे देने को तैयार है. इसके अलावा सपा के 14 उम्मीदवार कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे. ये वो उम्मीदवार है जो अपनी सीट छोडना नही चाहते और कांग्रेस इन सभी सीटो पर अपनी दावेदारी जता रही है.

कांग्रेस , समाजवादी पार्टी की 10 सीटो पर दावेदारी जता रही थी. अखिलेश को संदेह था की अगर ये सीटें कांग्रेस को दे दी गयी तो पार्टी में बगावत हो सकती है या सभी उम्मीदवार निर्दलय खड़े हो सकते है. इसी वजह से इन सभी उम्मीदवारों को कांग्रेस सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए कहा गया है. मिली जानकारी के अनुसार अजित सिंह से सीटो को लेकर बात हो चुकी है और वो 25 सीटो पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए है. उम्मीद है आज ही महागठबंधन को लेकर घोषणा हो सकती है.


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