समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की ह’त्या के आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि एनकाउंटर सरकार को बचाने के लिए किया गया है।

अखिलेश यादव ने अपने एक ट्वीट में लिखा, दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है। अखिलेश यादव समेत तमाम राजनेताओं ने पहले ही इस बात का शक जताया था कि विकास दुबे के पीछे यूपी सरकार के तमाम रसूखदार लोगों का संरक्षण शामिल हैं।

इससे पहले अखिलेश ने गुरुवार को एक बयान में कहा था कि चार राज्यों की सीमाएं पार कर, लॉकडाउन के समय की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर कुख्यात अपराधी छह दिनों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा, इसके पीछे माफिया, पुलिस और सत्ता का गठजोड़ भी रहा होगा। इसलिए उसके मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि सबकी मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि कानपुर की घटना ने यूपी की भाजपा सरकार का चोला भी उतार दिया है और मुखौटा भी। इस घटना ने पुलिस बल के खुफिया तंत्र की भी पोल खोल दी है। एक बड़ी नृशंस घटना के पहले और बाद में आरोपी को जिस तरह सहयोग मिला, वह जाहिर करता है कि व्यवस्था में कितनी सडांध पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि बिकरू काण्ड के कातिल और उसके सहयोगियों की पिछले पांच वर्ष की सीडीआर सरकार जारी कर देगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी कि किस-किस नेता, अफसर से सम्पर्क थे।

सपा नेता ने सवाल किया कि किसके दबाव में पुलिस बिना तैयारी दबिश डालने रात में पहुंच गई थी. उन्होंने कहा कि कई बातें छुपाई जा रही हैं और उनका खुलासा होना चाहिए। यादव ने कहा कि जहां तक समाजवादी पार्टी का सम्बंध है उसका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के अभियान में लगी रहती है क्योंकि उसे मालूम है कि उत्तर प्रदेश में उसकी सत्ता को असल चुनौती समाजवादी पार्टी से ही मिलती है।

बता दें कि पुलिस ने दावा किया कि ‘प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स विकास को उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर जा रही थी जब गाड़ी पलट गई। अभियुक्त ने भागने की कोशिश की तो पुलिस को गोली चलानी पड़ी।’

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