समाजवादी पार्टी(सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर से सांसद और पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान के खिलाफ एक जांच कमेटी गठित की है। जो आजम खान पर योगी सरकार द्वारा लगातार दर्ज हो रहे मुकदमों के संबंध में जांच करेगी।

कमेटी के सभी सदस्य रामपुर जाकर मामले की जांच करेंगे और वहां से लौटकर अपनी रिपोर्ट सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा परिषद के सभापति को सौंपेंगे।बता दें कि आजम खान को रामपुर का जिला प्रशासन अब राज्य सरकार के ‘एंटी-भू माफिया’ पोर्टल पर भूमि माफिया के रूप में सूचीबद्ध करने पर विचार कर रहा है।

पुलिस के अनुसार, नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य आजम खान पर 30 से भी ज्यादातर मामले दर्ज हैं। जिनमें सबसे ज्यादा मामले सरकारी जमीन और गरीबों की जमीन हथियाने के हैं। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक किसानों ने भी उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज आपराधिक मुकदमे के मुताबिक, आजम खां और उनके निकट सहयोगी पूर्व पुलिस उपाधीक्षक आलेहसन खान ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज के आधार पर सपा नेता की करोड़ों की निजी परियोजना ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ के लिए कई सौ करोड़ रुपये से अधिक की जमीन हड़प ली।

रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने बताया, ‘छब्बीस किसानों ने कहा है कि आजम खां और आलेहसन ने अवैध रूप से उन्हें हिरासत में लिया और उनकी कई हजार हेक्टेयर जमीन हासिल करने के लिए जाली कागजात पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला। जब किसानों ने कागजात पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, तो उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया।

रामपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) आलेहासन ने गरीबों की जमीन हड़पने में अपनी आधिकारिक हैसियत का दुरुपयोग किया। तथ्यों की पुष्टि होने के बाद हमने आजम खां के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया है।’

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