उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के खिलाफ ‘बैलेट सत्याग्रह’ करने की तैयारी कर ली हैं। दरअसल, अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर अगले चुनाव बैलट से नहीं कराए जाते हैं तो वह सत्याग्रह चलाएंगे, उन्होंने यह बयान समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद दिया। इस दौरान सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि बैलेट से चुनाव की मांग आयोग ने नहीं मानी तो अन्य दलों के साथ दबाव डालेंगे। चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना देने की भी योजना है।

साथ ही अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘हमने फैसला कर लिया है कि अगला चुनाव ‘बैलेट पेपर’ से ही कराए जाएं। हम इसकी मांग चुनाव आयोग से करेंगे। हम इस मांग को लेकर ‘बैलेट सत्याग्रह’ तक करने को तैयार हैं। देश और लोकतंत्र के भविष्य के लिए हम सबसे अपील करते हैं कि वो ईवीएम को हटाए जाने के लिए हमारा साथ दें।’

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात की थी। हाल ही में कांग्रेस ने अपनी वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए बैलेट पेपर को दोबारा से वापस लाना चाहिए।

उन्होने कहा, चुनाव आयोग को दुनिया के प्रमुख लोकतंत्रों की तरह भारत में भी बैलेट पेपर के द्वारा चुनाव करवाना चाहिए, ताकि चुनाव को लेकर लोगों में विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि ईवीएम के दुरुपयोग को लेकर तमाम सवाल उठे हैं, जनता और राजनीतिक पार्टियों में ईवीएम के दुरुपयोग और उसके द्वारा चुनावों में हेरफेर को लेकर आशंकाएं हैं, इसलिए देश को बैलेट पर वापस लौटना चाहिए।