लखनऊ | चुनाव आयोग से पहली लड़ाई जीतने के बाद अखिलेश यादव आज पत्रकारों से रूबरू हुए. उन्होंने समाजवादी पार्टी का सिंबल और निशान मिलने पर कहा की हमें इस बात का पहले से यकीन था की पार्टी सिंबल हमें ही मिलेगा. इस दौरान अखिलेश ने अपने पिता के साथ संबंधो का भी जिक्र किया और कहा की उनके साथ मेरा रिश्ता अटूट है.

मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा की हमें पूरा यकीन था की चुनाव आयोग का फैसला उनके ही पक्ष में आएगा. फैसला आने के बाद मैं नेता जी से मिला. उनसे आशीर्वाद लिया. उनके साथ मेरा कोई मतभेद नही है. यहाँ तक की उनकी और मेरी लिस्ट में 90 फीसदी एक ही नाम थे. अब हमें चुनाव की तैयारी में लगना है. पहले ही 19 रेलिया रद्द हो चुकी है.

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अखिलेश ने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने पर कहा की मैं आज ही लिस्ट फाइनल कर दूंगा. अब समय कम है और मेरे ऊपर जिम्मेदारी ज्यादा है. बस आप लोगो का साथ चाहिए. गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा की बस थोडा इन्तजार कीजिये, जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा. अखिलेश ने यह भी कहा की चाचा रामगोपाल ने जो कहा उसी को सच मानिये.

उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाब नबी आजाद ने सपा के साथ गठबंधन की खबरो की पुष्टि करते हुए कहा कांग्रेस अखिलेश के नेतृत्व में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी. इसकी घोषणा कभी भी हो सकती है. उधर कांग्रेस की मुख्यमंत्री पद की दावेदार शीला दीक्षित ने कहा की गठबंधन में दो मुख्यमंत्री के उम्मीदवार नही होते. मैं अब मुख्यमंत्री पद की दावेदार नही हूँ .

वही खबर मिली है की मुलायम ने अखिलेश को 38 उम्मीदवारों की एक लिस्ट सौपी है. चौकाने वाली बात यह है की इस लिस्ट में शिवपाल यादव का नाम नही है. हालंकि शिवपाल के बेटे का नाम इस लिस्ट में है. वही अपर्णा यादव को भी इस लिस्ट में जगह दी गयी है. चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद जब अखिलेश मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे तब उन्होंने अखिलेश को यह लिस्ट सौपी. उस समय वहां शिवपाल यादव भी मौजूद थे.

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