लखनऊ | कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन होने के बाद अखिलेश यादव पहली बार मीडिया से रुबुरु हुए. इस दौरान उन्होंने पारिवारिक झगडे से लेकर कांग्रेस के साथ गठबंधन होने तक के सभी पहुलुओ पर खुलकर बात की. उन्होंने अपनी सरकार के किये गए विकास कार्यो का गुणगान किया तो मोदी सरकार और मायावती की पुर्वती सरकार पर भी जमकर हमला बोला.

टीवी न्यूज़ चैनल न्यूज़ 24 के कार्यक्रम ‘मंथन’ में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा की हमने 2012 के घोषणापत्र में जो जो वादे किये थे उसमे से करीब 90 फीसदी काम पुरे कर दिये गए है. हमने 17 लाख बच्चो को लैपटॉप बांटे है जो बताता है की हमारी कथनी और करनी में बिलकुल भी अंतर नही है. इसलिए लोगो को पता है की हमने जो वादे इस घोषणापत्र में किये है वो भी पुरे किये जायेंगे. पिछले 5 सालो में उत्तर प्रदेश बदला है, बिजली, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा में बदलाव नजर आता है.

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पारिवारिक झगड़ो पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा की हमारे टिकेट फाइनल हो चुके है. हमारे यहाँ बाकी दलों की तरह झगडे नही है. वहां कार्यालयों में तोड़फोड़ हो रही है , लोगो के सर फूट रहे है. हमारे यहाँ जो भी झगडे थे उनको सुलझा लिया गया है. अब हम आगे की अरु देख रहे है. हमें पीछे नही देखना चाहते बल्कि और ज्यादा रफ़्तार से चलना चाहते है और प्रदेश में और तेजी से विकास करना चाहते है.

कांग्रेस के साथ गठबंधन में किसकी भूमिका रही इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा की मेरा एक नजरिया है, नो कन्फ्यूजन , नो मिस्टेक. दोनों दलों का गठबंधन , प्रदेश में संप्रदायिक शक्तियों को रोकने के लिए किया गया है इसलिए इसमें जिसकी भी भूमिका थी वो अच्छी भूमिका थी. हमारा गठबंधन प्रदेश में 300 से ज्यादा सीटें जीतेगा. बीजेपी की परिवर्तन रैली पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने कहा की जो कहते थे की 300 सीटें आयेंगी, वो आंकड़ा तो बैंक की लाइन में लोगो के लगने से समाप्त हो गया.

कांग्रेस को कम सीटें देने के फैसले पर अखिलेश ने कहा की मेरे पसंदीदा नंबर 9 है इसलिए उन्हें 99 सीटें ऑफर की गयी, लेकिन 105 में कोई दिक्कत नही है क्योकि इसका जोड़ भी 6 होता है जो उल्टा होते ही 9 बनता है. मुलायम और शिवपाल के रिस्तो पर उन्होंने कहा की रिश्ते कभी खत्म नही होते लेकिन जब भी मैं अपने बेटे को देखता हूँ तो सोचता हूँ की क्या मैं अपने बेटे से कभी इतना नाराज हो सकता हूँ.

मायावती और मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा की मोदी सरकार का विकास मॉडल हवाई है जबकि हमारा जमीनी है. हमारा विकास जमीन पर दिखाई देता है जबकि मोदी सरकार विकास के नाम कभी झाड़ू पकड़ा देती है तो कभी योग कराने लगती है. मायवती पर उन्होंने कहा की पत्थर की सरकार को स्मारक बनाने का काफी शौंक है. उनके विकास में पिछले 9 साल से खड़े हुए हाथी बैठे नही पाए और बैठे हुए खड़े नही हो पाए .

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