Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

अखिलेश जा सकते है चुनाव आयोग, चुनाव चिन्ह जब्त करने की कर सकते है मांग

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akhilesh-yadav

लखनऊ | समाजवादी पार्टी में छिड़ी जंग अब किस अंजाम तक पहुंचेगी यह तो कहना मुश्किल है. लेकिन एक बात तय है की अगर यह झगडा जल्द नही सुलझाता है तो आगामी विधानसभा चुनावो में समाजवादी पार्टी को भारी नुक्सान झेलना पड़ेगा. जानकारों का मानना है की अखिलेश अब इतने आगे जा चुके है की उनका पीछे हटना मुश्किल है. अगर वो ऐसा करते है तो यह उनके लिए अपने राजनितिक करियर को खत्म करने के बराबर होगा.

पिछले कुछ महीनो से मुलायम परिवार में चल रहा झगडा , मुख्यमंत्री अखिलेश को एक सुद्रढ़ राजनेता के तौर पर स्थापित कर रहा था. लोगो के बीच अखिलेश की छवि एक साफ सुथरे नेता की बन रही थी. लोग मानने लगे थे की अखिलेश अपनी पार्टी की लाइन से अलग चलते हुए विकास और साफ सुथरी राजनीती करने के पक्ष धर है. यही बात उनको उत्तर प्रदेश में एक मजबूत नेता के तौर पर उबार रही थी.

लेकिन विधानसभा चुनाव में भ्रष्ट और बाहुबलियों को टिकेट देकर मुलायम ने अखिलेश की छवि को धक्का पहुँचाया है. यही वजह है की अखिलेश किसी भी कीमत पर इन लोगो को विधायक बनते देखना नही चाहते. जानकार कहते है की ऐसे में यह तय हो चला है की बाप और बेटे के बीच चल रही खींचतान खत्म नही होगी. ऐसे में अखिलेश के पास दो ही रास्ते है.

या तो अखिलेश अपने समर्थको को निर्दलीय चुनाव लड़ाए या चुनाव आयोग जाकर समाजवादी पार्टी का सिंबल जब्त करने की मांग करे. दरअसल अगर यह मामला चुनाव आयोग पहुँचता है तो आयोग को पार्टी का सिंबल जब्त करना पड़ेगा और दोनों गुटों को नया सिंबल देना होगा. जानकार मानते है की अखिलेश अब पार्टी के सिंबल को जब्त कराने चुनाव आयोग का रुख कर सकते है. उधर रामगोपाल यादव ने अखिलेश का समर्थन करते हुए कहा की जिधर सीएम् होंगे मैं उधर रहूँगा.

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