लखनऊ | उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनते ही पूर्व की अखिलेश सरकार की कई योजनाओं को बंद कर दिया गया. लैपटॉप वितरण से लेकर समाजवादी पेंशन योजनाओं सहित कई ऐसे योजनाये जो सीधे सीधे जनता से जुडी हुई थी उनको बंद कर दिया गया. हालाँकि अखिलेश यादव ने योगी सरकार के इन फैसलों पर कभी कोई प्रतिक्रियाये नही दी. लेकिन जैसे ही योगी आदित्यनाथ ने मुस्लिम महिलाओं को 51 हजार रूपए देना का एलान किया, मानो अखिलेश को एक मौका मिल गया.

उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की पहले हमारी योजनाये बंद की और अब खुद पैसा बाँट रहे है. रक्षा बंधन के मौके पर अपने प्रशंसको को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो सपा छोड़कर बीजेपी में चले गए. उन्होंने कहा की वो सब डेपुटेशन पर गए है. सरकार बनने के बाद अगर वापिस आने चाहते है तो इस पर कमिटी फैसला करेगी. इस मौके पर उन्होंने भुक्कल नवाब को भी निशाने पर लिया.

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उन्होंने कहा की भुक्कल जी का कुछ जमीन का मामला चल रहा था. बीजेपी का मानना है की जब तक लोग हमारे साथ है वो ख़राब है और जैसे वो बीजेपी में गए वो अच्छा हो जाता है. हालाँकि भुक्कल जी ने जब ईद पर सेवैंया खाई थी तब नही बताया की वो बीजेपी में जा रहे है. योगी सरकार की मुस्लिम महिलाओ को 51 हजार रूपए देने पर अखिलेश ने कहा की उन्होंने हमारी कई योजनाओं को बंद कर दिया.

कहते थे की हम एक पक्ष के लिए काम करते थे, अब वो क्या कर रहे है. हम बांटते थे तो बंद करवा दी और अब खुद बाँट रहे है. नितीश के साथ सरकार बनाने पर अखिलेश ने बीजेपी को आड़े हाथो लिया. उन्होंने सवाल किया की चुनाव प्रचार में कहते थे की हम कब्रिस्तान की राजनीती कर रहे है. वो खुद क्या कर रहे है. बिहार में नितीश के साथ सरकार बनाकर कितने कब्रिस्तानो की दीवार बनवाई है, ये किस तरह की राजनीती है.

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