अयोध्या फैसले पर बोले अकबरुद्दीन ओवैसी – वहां पर मस्जिद थी, है और रहेगी

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता अकबरूद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अयोध्या मामले में कहा कि ‘यह एक हकीकत है, चाहे वहां कुछ भी बने। वहां मस्जिद थी, है और रहेगी।’

विधायक अकबरूद्दीन ओवैसी ने हैरानी जताई कि 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाने के लिए जिम्मेदार लोगों को कब सजा मिलेगी। उन्होंने छह दिसम्बर को बाबरी मस्जिद ढहाने ढहाये जाने की बरसी से पहले यूनाइटेड मुस्लिम एक्शन कमेटी के तत्वावधान में सोमवार देर रात आयोजित एक विरोध बैठक में कहा, ‘‘हमें न्याय पर भरोसा है। यह विश्वास हमें पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए कह रहा है। हमें इस देश के संविधान पर भरोसा है।”

अकबरूद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘‘हमें अपने देश की अदालत पर भरोसा हैं। इसलिए हम पुनर्विचार याचिका दायर कर रहे हैं। इसे किसी गलत ढंग से नहीं देखा जाना चाहिए।” बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। एआईएमआईएम द्वारा मीडिया को जारी इस प्रस्ताव के अनुसार बैठक में कहा गया है कि बाबरी मस्जिद/राम जन्मभूमि के मालिकाना हक पर फैसला ‘‘मुस्लिमों को स्वीकार्य नहीं है।”

babri masjid

प्रस्ताव के अनुसार मालिकाना हक पर शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के एआईएमपीएलबी के फैसले का समर्थन किया गया। एआईएमपीएलबी ने पहले कहा था कि पुनर्विचार याचिका नौ दिसम्बर तक दाखिल की जायेगी। बोर्ड ने हाल में कहा था कि देश में 99 प्रतिशत मुसलमान फैसले की समीक्षा चाहते है।

बता दें कि इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी भी फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ा है, पर अचूक नहीं। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह वह भी फैसले से सहमत नहीं हैं।

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