CAA पर शिरोमणि अकाली दल ने छोड़ा मोदी सरकार का साथ, मुसलमानों का बहिष्कार ‘उचित’ नहीं

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ विपक्ष का विरोध झेल रही मोदी सरकार को दो दशक पुरानी सहयोगी शिरोमण अकाली दल ने बड़ा झटका दिया है।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) का कहना है कि नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) में मुस्लिमों को भी शामिल किया जाना चाहिए, हमारा देश सेक्युलर है ऐसे में सिर्फ एक धर्म को बाहर निकालना सही नहीं है।

कानून के संसद से पास होने पर शिरोमणि अकाली दल के महासचिव और प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून में धर्म के आधार पर प्रताड़ना सहने वाले शर्णार्थियों को जगह दी गई है लेकिन हमें लगता है कि इसके दायरे में मुस्लिमों को भी लेकर आना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि ‘हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग जो कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आकर सालों से भारत में रहे हैं उन्हें इस बिल के जरिए नागरिकता मिलेगी। उन्हें भी वह सभी अधिकार मिलेंगे जिससे वह अब तक वंछित हैं। लेकिन दूसरा पहलू यह है कि मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है।’

चीमा ने कहा है कि हमारी पार्टी का इस मामले में रुख एकदम साफ है। मुस्लिमों को भी इस कानून के तहत फायदा मिलना चाहिए। किसी के भी खिलाफ धर्म के आधार पर अन्याय नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में केंद्र सरकार को मुस्लिमों को भी इसमें शामिल करना चाहिए।’

बता दें कि नागरिकता कानून का विरोध कर रहे विपक्षी दलों के नेता मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। विपक्ष की मांग है कि मोदी सरकार इस कानून को वापस ले।

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