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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के साथ उतरे अजीत जोगी द्वारा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने की बात कहीं थी। हालांकि वे अब अपने बयान से पलट गए।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुखिया अजीत जोगी ने बसपा मुखिया मायावती की मौजूदगी में सफाई दी कि बहुत न मिलने पर बीजेपी के साथ जाने की बात कभी नहीं की। बसपा प्रमुख मायावती ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़़ विधानसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में वह न तो बीजेपी के साथ गठबंधन करेंगी और ना हीं कांग्रेस के साथ।

उन्होंने NDTV से बात करते हुए कहा कि वह न BJP के साथ जाएंगी, न कांग्रेस के साथ, एक ‘सांपनाथ है तो एक नागनाथ।’ मायावती ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि हमें पूरा बहुमत मिलेगा। मैं इसके लिए पूरी तरह से आश्वस्त हूं।

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उन्होंने कहा कि अगर हमें जनादेश नहीं मिला तो हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।  हम न बीजेपी के साथ जाएंगे और न ही कांग्रेस के साथ। ये दोनों पार्टी गरीब लोगों और दबे कुचले लोगों की हितैशी पार्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि जिस तरह से हमारी गठबंधन पार्टियां काम कर रही हैं, हमें पूरा बहुमत मिलेगा।

बता दें कि जोगी ने दूसरे चरण के चुनाव से पहले बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है तो वह भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिला सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि राजनीति में किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी की जनता कांग्रेस बसपा के साथ 33 सीटों पर और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ दो सीटों पर मिलकर लड़ रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को सुकमा और दंतेवाड़ा सीट दी गई है।

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