लखनऊ | राजस्थान के अलवर में गौ तस्करी का आरोप लगाकर जिस तरह से पहलु खान को मौत के घाट उतारा गया , उससे पुरे देश में गौरक्षको की गुंडागर्दी को लेकर बहस तेज हो गयी है. विपक्ष इस मामले को किसी भी तरीके से अपने हाथ से नही जाने देना चाहते इसलिए वो लगातार इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठा रहे है. विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को लेकर भी हमलावर है.

उधर सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने भी पहलु खान की मौत पर विरोध जताने के लिए बेहद शांतिपूर्ण तरीका अपनाया है. उन्होंने मथुरा के शंकराचार्य द्वारा दी गयी गाय को वापिस लौटा दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा की जिस तरह से गौरक्षा के नाम पर पहलू खान को मौत के घाट उतार दिया गया उसी तरह की कोई घटना किसी भो मुस्लिम के साथ हो सकती है. इसलिए मैं यह गाय वापिस कर रहा हूँ.

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बताते चले की मथुरा के शंकराचार्य ने दो साल पहले आजम खान को एक काली गाय उपहार में दी थी. लेकिन पिछले कुछ दिनों में गौरक्षा के नाम पर गौरक्षको की गुंडागर्दी सामने आने के बाद आजम खान ने इस गाय को वापिस लौटने का फैसला किया. गौरक्षकों पर तंज़ करते हुए उन्होंने कहा की अगर कोई षड्यंत्र हो गया, कुदरती तौर पर कोई बीमारी हो गयी या उंच नीच हो गयी.. तो पता नही गौरक्षक उन्हें क्या सजा देंगे.

आजम खान ने आगे कहा की मौजूदा माहौल में गौरक्षक दल किसी मुस्लमान के पास गाय देखकर कुछ भी कर सकते है. मोहन भगवात के बयान उस बयान पर जिसमे उन्होंने कहा है की गौहत्या के लिए पुरे देश में कानून बनना चाहिए, पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खान ने कहा की उनका नाम राष्ट्रपति की दौड़ में भी शामिल है , ये अच्छा नही है की गाय के नाम पर लोग अपनी जान गँवा रहे है और कुछ राज्य में गाय कटनी दी जा रही है. पुरे देश में गौहत्या पर रोक लगनी चाहिए.

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