AIUDF विधायक का आरोप – असम-मिजोरम सीमा पर बड़ी संख्या में म्यांमार के नागरिक मौजूद

असम-मिजोरम सीमा विवाद के बीच असम के विधायक सुजाम उद्दीन लस्कर ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में म्यांमार के नागरिक अंतर-राज्यीय सीमा पर अवैध रूप से रहते हैं जो माद’क पदार्थों और हथि’यारों की तस्क’री जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल हैं।

असम के करीमगंज जिले के कतलीचेरा निर्वाचन क्षेत्र से ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक सुजम उद्दीन लस्कर ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि असम सरकार राज्य की सीमा पर रहने वाले म्यांमार के नागरिकों की संख्या से अवगत है।

उन्होने कहा, “मिजोरम ने मेरे निर्वाचन क्षेत्र, कतलीचेरा की भूमि के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमण कर लिया है। इन अतिक्रमित भूमि में बड़ी संख्या में म्यांमार के नागरिक निवास कर रहे हैं। मिजोरम अब कॉरिडोर बन गया है। वहां से बर्मी सुपारी, अवैध हथि’यार और ड्र’ग्स आते हैं। चूंकि असम सरकार अवैध ड्र’ग्स के खिलाफ अपना अभियान जारी रखे हुए है, इसने इन लोगों और ड्र’ग माफियाओं को प्रभावित किया है।”

एआईयूडीएफ विधायक ने 26 जुलाई को असम-मिजोरम सीमा पर लैलापुर इलाके में हुई हिं’सा के दौरान मिजो लोगों के हाथों कथित अवैध हथि’यारों पर भी सवाल उठाए। इस घटना में असम के पांच पुलि’स अधिकारियों और एक नागरिक की मौ’त हो गई थी और 60 से अधिक लोग घाय’ल हो गए थे।

सुजाम उद्दीन लस्कर ने हिं’सा की सीबीआई जांच की मांग की और आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में अवैध हथि’यार मिजोरम में आए थे और उनमें से ज्यादातर चीन में बने थे। उन्होने कहा, “उस दिन उनके हाथ में जो हथि’यार, मशीनरी थी, वह उन्हें कहाँ से मिली? ये हथि’यार भारत में बने नहीं हैं। इनमें से कई हथि’यार चीन में बने हैं। मैं मिजोरम में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करता हूं और यह भी मांग करता हूं कि केंद्र को इस घटना की सीबीआई जांच शुरू करनी चाहिए।

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