अहमदबाद: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को अहमदबाद में एक रैली के दौरान मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ‘प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए सड़कों को खोदने और कीलें लगाने के बदले सरकार को चीन को रोकने के लिए लद्दाख में कीलें लगानी चाहिए।’

ओवैसी ने कहा, ‘अगर आपने लद्दाख में कीलें लगाई होतीं तो चीनी सैनिक भारत में नहीं घुसे होते। आपने लद्दाख में कीलें नहीं लगाई, जहां भारतीय सेना (Indian Army) के 18 जवान शहीद हो गए। अगर आपका सीना 56 इंच का होता तो आप चीन को सबक सीखा चुके होते।’

भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के साथ गठबंधन कर राज्य के निकाय चुनाव में उतरने वाले ओवैसी ने कहा कि ‘अगर कांग्रेस और अन्य अच्छे होते तो ओवैसी हैदराबाद से यहां नहीं आते। कांग्रेस और भाजपा, ये दोनों मामा-भांजे की पार्टी हैं। कांग्रेस के लोगों में मोदी और आरएसएस का डर है क्योंकि वे भगवान से नहीं डरते हैं, लेकिन केवल अपने जीवन से प्यार करते हैं। वे मौत से डरते हैं। एआईएमआईएम के सदस्य केवल भगवान से डरते हैं, किसी इंसान से नहीं।’

ओवैसी ने ये भी कहा कि हिंदू नेशनलिज्म का सामना अब संविधान नेशनलिज्म से होगा। हम भारतीय राष्ट्रवाद के साथ, संविधान के साथ हिंदुत्व का सामना करना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि गुजरात गांधी का है और गांधी का ही रहेगा। नरेंद्र मोदी और अमित शाह गांधी से बड़े नहीं हो जाएंगे। यह उन लोगों का गुजरात है, जिन्होंने इसे अपनी हिम्मत और मेहनत से आगे बढ़ाया है।

एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि मोदी और शाह गुजरात में आए और चले भी गए। जनता ने उन्हें दिल्ली पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी जानते हैं कि उनके पास इतनी ताकत है कि जो भी विधानसभा में पहुंचता है वह चुप हो जाता है।