हैदराबाद । गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट पेश किया। इस बजट में किसानो, सूक्ष्म एवं लधु उद्यमों तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई लोक लुभावन घोषणाए की गयी। लेकिन इस बजट से मध्यम वर्ग को बड़ी निराशा हाथ लगी। इंकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नही किया जबकि म्यूचूअल फ़ंड की कमाई पर भी 10 फ़ीसदी टैक्स लगा दिया गया।

उधर बजट से पहले राजस्थान में लोकसभा की दो सीटों और विधानसभा की एक सीट पर हुए उपचुनाव से भाजपा को निराशा हाथ लगी। यहाँ कांग्रेस ने तीनो सीटों पर क़ब्ज़ा जमाते हुए भाजपा खेमे में खलबली मचा दी। बताते चले की राजस्थान में इसी साल विधानसभा चुनाव होने है। इसलिए उपचुनाव के परिणाम भाजपा के लिए ख़तरे की घंटी है। बजट और उपचुनाव के परिणामों के बाद एनडीए में भी खलबली मच गयी।

केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी तेलगु देशम ने सरकार से अलग होने के संकेत देते हुए कहा की इस बजट में आंद्र प्रदेश की ज़रूरतों का ख़याल नही रखा गया। इसलिए हमारे सामने संग्राम छेड़ने के अलावा कोई विकल्प नही है। टीडीपी सांसद टीजी वेंकटेस ने शुक्रवार (2 फरवरी) को न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि ‘हम संग्राम छेड़ने जा रहे हैं। हमारे पास तीन रास्ते हैं एक कोशिश करो और बने रहो, दूसरा सांसदों का इस्तीफा और तीसरा गठबंधन से अलग होना।’

टीजी वेंकटेस से पहले केंद्रीय मंत्री तथा टीडीपी नेता वाईएस चौधरी ने भी बजट से नाराज़गी जताते हुए कहा था,’  बजट को देखकर उन्हें निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे रेलवे, पोलावरम प्रोजेक्ट, अमरावती के लिए पूंजी समेत आंध्र प्रदेश के कई मुद्दों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया है। आंध्र प्रदेश के विकास के लिए अधिक ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन सरकार ने तो बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया है। हमें इस बजट से बहुत उम्मीद थे लेकिन हमें निराशा ही हाथ लगी।’

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