उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद अब केवल चुनाव परिणामों के इन्तजार हैं. ऐसे में अब राजनितिक पार्टियों ने सत्ता पर होने के लिए अपनी सियासी चाले चलाना शुरू कर दी हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में बीबीसी से बातचीत में जरूरत पड़ने पर मायावती से हाथ मिलाने की बात कही हैं. वहीँ अब बसपा प्रमुख ने भी अखिलेश यादव के प्रस्ताव पर कहा कि 11 तारीख को चुनाव परिणाम आ जाने के बाद वह अखिलेश के प्रस्ताव पर जरूरत पड़ने के बाद गौर करेंगी.

बीबीसी से अखिलेश यादव ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाने से बेहतर है कि वो बीएसपी से हाथ मिला लें. उन्होंने ये भी कहा कि वो नहीं चाहते हैं कि बीजेपी उत्तर प्रदेश को रिमोट कंट्रोल से चलाए. वहीँ मायावती ने कहा कि भाजपा को दूर रखने के मुद्दे पर वो 11 मार्च के बाद अखिलेश के प्रस्ताव पर गौर करेंगी.

दरअसल, सियासी पार्टियों को डर हैं कि इस बार राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की तस्वीर सामने पेश आ सकती हैं. अगर ऐसा होता हैं, तो देखते हैं किंग मेकर की भूमिका कौन निभाता हैं. हालांकि सभी बड़ी पार्टियों का दावा हैं कि बहुमत उन्हें ही मिल रहा हैं.

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