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गंगा को बचाने के लिए अनशन कर रहे संत गोपालदास बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में दिल्ली के एम्स से लापता हो गए। ऋषिकेश से दिल्ली एम्स रेफर होने के बाद इमरजेंसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर भर्ती संत गोपालदास से किसी को मिलने की अनुमति नहीं थी, बावजूद इसके बुधवार सुबह वार्ड में वह नजर नहीं आए।

उनसे मिलने पहुंचे पिता शमशेर को जब गोपालदास के लापता होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने एम्स प्रबंधन से सवाल पूछे, लेकिन अधिकारियों से लेकर डॉक्टरों तक ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस मुद्दे को लेकर देर रात तक हंगामा होता रहा, आखिर रात को एम्स ने संत गोपालदास को देहरादून भेजने की पुष्टि की।

बताया जा रहा है कि वह दिल्ली एम्स से दून अस्पताल पहुंचे थे। दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज होकर संत बुधवार दोपहर 12:44 बजे दून अस्पताल पहुंचे। यहां उनके शिष्य यशवीर ने तीमारदार के तौर पर संत को भर्ती कराया। अस्पताल में उनका उपचार शुरू किया गया। लेकिन, उन्होंने देर शाम तक न तो कोई जांच कराई और न ही कोई दवाई ली। अस्पताल में वह वार्ड 14 के बेड संख्या 15 पर भर्ती थे। रात पौने आठ बजे अस्पताल कर्मचारियों ने देखा तो संत और उनके तीमारदार दोनों गायब थे। काफी देर तलाश के बाद प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

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संत के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस अफसर हरकत में आए। एसपी सिटी और सीओ सूचना मिलते ही दून अस्पताल पहुंचे। वहां आसपास देर रात तलाश करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। संत गोपाल दास का कुछ पता नहीं लगा। संत गोपाल दास जब अस्पताल से लापता हुए तो उनके दोनों मोबाइल उनके बेड पर रखे मिले। पुलिस मोबाइल नंबर कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है कि अस्पताल से लापता होने से पहले वह किसके संपर्क में थे।

इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर ही संत को एम्स से गायब करवाने का आरोप लगा दिया। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा- संत गोपाल दास गौ रक्षा और गंगा सफ़ाई के लिए अनशन पर थे। उनको मोदी सरकार ने AIIMS से ग़ायब कर दिया है। उनके पिता को भी केंद्र सरकार नहीं बता रही कि उनको कहां ले गए। संत गोपाल दास असली गौ रक्षक हैं। उनके साथ मोदी सरकार का ऐसा बर्ताव? उन्हें तुरंत उनके पिता के सुपुर्द किया जाए।

वहीं आम आदमी पार्टी विधायक सोमनाथ भारती ने एक ट्वीट में लिखा- आखिरी चिठ्ठी संत गोपालदास जी की अपने पिताजी को। इसमें उन्होंने साफ साफ कहा है कि केंद्र सरकार को उनके दिल्ली में होने में तकलीफ़ है और उनको कहीं दूर डालना चाहती है। इससे ज्यादा सबूत क्या चाहिए? मोदी जी का मां गंगा के प्रति छलावा के कारण हमने प्रो अग्रवाल को खोया, अब संत गोपालदास?

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