एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुब्बैया शनमुगम को मदुरै के थोपपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) परियोजना के बोर्ड सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

जुलाई में चेन्नई की एक ही इमारत में अकेले रहने वाली 62 वर्षीय एक महिला ने सुब्बैया पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि सुब्बैया ने अपने पड़ोसी के घर के बाहर कूड़ा फेंका और पेशाब भी की। रिवार के एक सदस्य ने कहा, “वह उसे बुलाता और परेशान करता था, यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपना चिकन भेज सकता है, यह जानते हुए कि वह शाकाहारी है।”

डीएमके की लोकसभा सांसद कनिमोझी ने शनमुगम के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), मदुरै के बोर्ड के सदस्य के रूप में नियुक्त होने पर हैरानी जताई है।

एक ट्वीट में कनिमोझी ने कहा, डॉ.सुब्बैया शनमुगम की नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं, जो व्यक्ति अपनी बुजुर्ग महिला पड़ोसी को परेशान करने का आरोपी है उसे एम्स के बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। क्या यह अशोभनीय व्यवहार का समर्थन है और क्या भाजपा अन्य कैडरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है?

डॉक्टर सुब्बैया प्रफेसर हैं किलपॉक मेडिकल कॉलेजके डिपार्टमेंट ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के मुखिया भी हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 271 और 427 के अलावा तमिलनाडु प्रोहिबिशन ऑफ वुमन हैरसमेंट ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया हुआ है।

वहीं वीसीके नेता और सांसद डी। रविकुमार ने इसे महिलाओं का अपमान करार दिया, वहीं सीपीआई (एम) के सांसद वेंकटेशन ने सवाल किया कि क्या यह उनके घृणित कार्य का प्रतिफल था।

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