ankiv

फर्जी डिग्री के आरोपो का सामना कर रहे दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) छात्र संघ अध्यक्ष अंकिव बासोया को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( एबीवीपी) ने पद से हटने को कहा है। बता दें कि एबीवीपी भारतीय जनता पार्टी का ही छात्र संगठन है।  अंकित इसी साल डीयू में छात्र संघ अध्यक्ष बने थे।

दरअसल, विपक्ष का आरोप है कि बासोया ने डीयू के बुद्धिस्ट डिपार्टमेंट में दाखिले के लिए वेल्लूर यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया। इस मामले को लेकर एनएसयूआई के सनी छिल्लर ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की है। वहीं, हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच के लिए डीयू को 20 नवंबर तक की मोहलत दी है।

वहीं, डीयू का कहना है कि वे चाहते हैं कि कोर्ट तमिलनाडु की थिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी को निर्देश दे कि वे डीयू को मार्कशीट के वेरिफिकेशन में सहयोग दे, क्योंकि शुरुआत से ही यूनिवर्सिटी ने उसे सपॉर्ट नहीं किया। मालूम है कि डूसू का चुनाव इस साल सितंबर में हुआ था और उसका रिजल्ट 13 सितंबर को आया था।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

हालांकि, डीयू के बुद्धिस्ट डिपार्टमेंट के हेड का कहना है कि अब उन्हें यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने कहा है कि वह जल्द ही जांच करके जवाब देंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ तो वह खुद यूनिवर्सिटी जाएंगे।

वहीं एनएसयूआई का कहना है कि डीयू इस मामले की जांच में लापरवाही कर रहा है। दो महीने पूरे हो चुके हैं और लिंगदोह की सिफारिश के बावजूद अबतक चुनाव नहीं कराए गए हैं। एनएसयूआई ने कहा कि नियम के मुताबिक, उपाध्यक्ष को अध्यक्ष पर प्रमोट किया जा सकता है। डीयू जानबूझकर देरी कर रहा है।

Loading...