केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर विपक्ष की और से ख़ासी आलोचना की जा रही है। लेकिन आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बेहद ही सख्त बयान दिया है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी का नारा था कि देश नहीं बिकने दूंगा। मगर अब पूंजीपतियों के प्रेम में नारा बदल गया है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “आखिर ये देश किसका है? 130 करोड़ लोगों का या मोदी जी के 4 पूंजीपति मित्रों का? सपूत संपत्ति बनाता है, कपूत सम्पत्ति बेचता है। आज का बजट देश को बेचने का बजट है।” बता दें कि आम बजट में मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

आप नेता ने एक Video जारी कर कहा- पीएम मोदी ने एक बार कहा था कि ये देश नहीं बिकने दूंगा। मैं देश नहीं मिटने दूंगा। मगर बजट देखने के बाद चार लाइन याद आती हैं। पीएम का नारा बदलकर हो गया है ‘ये देश नहीं बचने दूंगा…ये खेत-खलिहान नहीं बचने दूंगा, किसान नहीं बचने दूंगा…नौजवान नहीं बचने दूंगा, ये देश नहीं बचने दूंगा…ये देश नहीं बचने दूंगा, व्यापार नहीं बचने दूंगा…कर्मचारी नहीं बचने दूंगा, बैंक नहीं बचने दूंगा…LIC नहीं बचने दूंगा, ये देश नहीं बचने दूंगा…ये देश नहीं बचने दूंगा, ये सेल नहीं बचने दूंगा…ये रेल नहीं बचने दूंगा, BPCL नहीं बचने दूंगा…एयरपोर्ट नहीं बचने दूंगा, ये देश नहीं बचने दूंगा…ये देश नहीं बचने दूंगा।’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, ”अगले वित्त वर्ष में आईडीबीआई बैंक, बीपीसीएल, शिपिंग कॉरपोरेशन, नीलाचल इस्पात निगम लि. और अन्य कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा।”

वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार की योजना भारत की संपत्तियों को ‘अपने पूंजीपति मित्रों’ को सौंपने की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सरकार लोगों के हाथों में पैसे देने के बारे में भूल गई। मोदी सरकार की योजना भारत की संपत्तियों को अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपने की है।’

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘वित्त मंत्री ने भारत के लोगों खासकर गरीबों, कामकाजी तबकों, मजूदरों, किसानों, स्थायी रूप से बंद हुईं औद्योगिक इकाइयों और बेरोजगार हुए लोगों को धोखा दिया है। उन्होंने उनका भाषण सुन रहे सांसदों समेत उन सभी लोगों के साथ धोखा किया है जिनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि पेट्रोल एवं डीजल समेत कई उत्पादों पर उपकर लगा दिया गया है।’ पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘इस बजट से इतनी निराशा हुई है जितनी कभी नहीं हुई। पिछले साल की तरह इस बजट की सच्चाई सामने आ जाएगी।’