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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अगर मुसलमान को वोट देना है तो कांग्रेस को वोट दो।’ के बयान से सबंधित वायरल हो रहे विडियो को लेकर अब कांग्रेस ने एक चिट्ठी जारी कर सफाई पेश की है।

इस चिट्ठी में कमलनाथ ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिदायत दी है कि वे धर्म और जाति के संबंध में किसी तरह की बातचीत न करें, भाषण नहीं दें और मीडिया से भी संवाद न करें। जो मामले सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, उन पर कोई राय जाहिर न की जाए। कमलनाथ की हिदायत है कि कांग्रेस जन किसी भी विरोधी पार्टी के नेताओं पर अनर्गल, असंसदीय व अपमानजनक भाषा में टिप्पणी न करें। भाजपा साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के हथकंडे अपना सकती है।

कमलनाथ की इस चिट्ठी पर आठ नवंबर की तारीख है और सलूजा ने उसे शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। सलूजा से जब आठ तारीख की चिट्ठी को नौ दिन बाद जारी करने के संदर्भ में संपर्क किया गया तो वे उपलब्ध नहीं हुए।

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गौरतलब है कि पिछले दिनों कमलनाथ का मुस्लिम प्रतिनिधियों से मुलाकात का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे यंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला करते हुए कह रहे हैं, ‘आरएसएस के लोग क्या कर रहे हैं और क्या कह रहे हैं, इसकी मुझे जानकारी है। उनका एक ही स्लोगन है, अगर हिंदू को वोट देना है तो हिंदू शेर, मोदी को वोट दो, अगर मुसलमान को वोट देना है तो कांग्रेस को वोट दो।’

कमलनाथ इस विडियो में कह रहे हैं, ‘नागपुर मेरे क्षेत्र छिंदवाड़ा के नजदीक है, जहां संघ के लोग दिन में आते हैं और रात में चले जाते हैं। वे सिर्फ दो लाइन का पाठ पढ़ाने आते हैं-अगर हिंदू को वोट देना है तो हिंदू शेर, मोदी को वोट दो, अगर मुसलमान को वोट देना है तो कांग्रेस को वोट दो। ये इनकी (संघ) रणनीति है।’

कमलनाथ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से कह रहे हैं, ‘‘इस समय सजग व सतर्क रहने की जरूरत है। ये लोग आपको (मुस्लिम) उलझाने की कोशिश करेंगे। इनसे हम निपट लेंगे बाद में, मतदान तक आपको सब कुछ सहना पड़ेगा।’

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