rajkumar

कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि भाषणों से बेरोजगारी व गरीबी नहीं हटेगी। उन्होने कहा कि भाजपा की न नीति है और न नीयत है।

‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश के हालात इतने खराब है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले 90 प्रतिशत उम्मीदवार चुनाव हारेंगे। राजकुमार सैनी ने आगे कहा कि रोजगार के मौके भाषणों से नहीं पैदा किए जा सकते और इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस दिशा में काम नहीं कर रही।

पिछले हफ्ते दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने जाट आंदोलन को लेकर भी बीजेपी की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ‘मेरी नाराजगी कोई निजी नहीं है। यह इस बात को लेकर है कि जिस तरह से जाट आरक्षण के वक्त हरियाणा के अंदर हालात रहे, पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट से हम जाट आरक्षण के विरुद्ध लड़े।

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modi and amit shah

उन्होने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया कि इस तरह से आरक्षण नहीं दिया जा सकता तो भाजपा के पास कौन-सी अथॉरिटी थी कि बैकवर्ड क्लास में जाटों को शामिल करेंगे।’

सैनी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद इतनी बड़ी पार्टी को लोगों ने डरा दिया कि हम आरक्षण लेकर ही छोड़ेंगे नहीं तो दिल्ली और हरियाणा में आग लगा देंगे। चंद मुट्ठीभर लोग इस तरह यदि सरकार को डराने लगे तो सरकार की क्या जरूरत है, फिर तो कबीलावाद आ जाएगा, जिसका कबीला बड़ा होगा वह किसी को भी धमका लेगा। एक शब्द की बहस संसद में नहीं हुई, जिन लोगों ने हरियाणा जलाया वे लोग दादागिरी के दम पर नौकरियां ले गए, मुआवजा ले गए।

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