राजस्थान में सियासी संग्राम चरम पर पहुंच चुका है। 14 अगस्त से शुरू होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा सत्र से पहले बीजेपी गुजरात पहुंचे अपने विधायकों को अज्ञात जगह पर ले गई है। माना जा रहा है बीजेपी ने ये कदम पार्टी में फूट के बाद उठाया है।

इस मामले में सीएम गहलोत ने कहा, “भाजपा में वो क्या करते हैं, उससे मुझे कोई मतलब नहीं। सरकार में तो हम लोग हैं, खरीद फरोख्त हो रही थी, इसलिए हमें विधायकों को एकसाथ रोकना पड़ा। पर बीजेपी के विधायकों को किस बात की चिंता है, वो लोग बाड़ेबंदी कर रहे हैं तीन-चार जगह पर, वो भी चुन-चुनकर के, उनमें इतनी बड़ी फूट पड़ गई दिखती है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी खुद की प्रतिबद्धता है कि कभी नहीं करना चाहिए तो हमारी सरकार कैसे कर सकती है। ऐसा सोशल मीडिया पर चला गया कि पता नहीं हमारे खुद के विधायकों पर विश्वास ना हो.. यह षडयंत्र का हिस्सा है.. षडयंत्र के किरदार में जो जो लोग शामिल हैं वो सब मिलकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे है।”

उन्होंने कहा, “राज्य में सरकार को अस्थिर करने की इन घटनाओं को लेकर आज घर-घर में गुस्सा है, यह भाजपा के नेताओं के लिये और उन नेताओं के लिये है जो हमारी पार्टी के थे और चले गये। मैं समझता हूं कि वो खुद समझ रहे होंगे। अधिकांश लोग वापस आ जायेंगे हमारे साथ।”

बता दें कि भाजपा के छह विधायक शनिवार शाम में पोरबंदर से सोमनाथ पहुंचे थे। सोमनाथ भाजपा महासचिव मानसिंह परमार ने कहा, ‘‘विधायक सुबह गेस्ट हाउस छोड़ कर चले गए। मेरे पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं कि वे कहां गए। मेरी जिम्मेदारी शनिवार को उनके पोरबंदर से सोमनाथ पहुंचने पर उन्हें अतिथि-गृह तक पहुंचाने की थी। मैं रात के खाने के बाद वहां से निकल गया था। वे यहां दो दिन रुकने वाले थे।’’

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