रामदेव के बयान पर भड़के ओवैसी, कहा – पीएम मोदी से नहीं छिना जा सकता मताधिकार

हैदराबाद : एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को योग गुरू बाबा रामदेव के उस बयान पर गहरी आपत्ति जताई जिसमे उन्होने देश में पैदा होने वाली हर तीसरी संतान से मताधिकार छिनने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने तीसरी संतान को सरकारी नौकरियों से वंचित करने का सुझाव भी दिया था।

ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘‘लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं है लेकिन रामदेव के विचारों पर बेवजह ध्यान क्यों दिया जाता है ?’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वह योग कर सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि नरेन्द्र मोदी सिर्फ इसलिए अपना मताधिकार खो देंगे क्योंकि वह तीसरी संतान हैं।’’

बता दें, पीएम मोदी दामोदरदास मोदी और हीराबा मोदी की तीसरी संतान हैं। पीएम मोदी का गुजरात के वाडनगर में 17 सितंबर 1950 में जन्म हुआ था।

हरिद्वार में एक संवाददाता सम्मेलन में स्वामी रामदेव ने कहा कि जिस तरह से देश की जनसंख्या बढ़ रही है उसके लिये भारत तैयार नहीं है और किसी भी दशा में भारत की आबादी 150 करोड से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

साथ ही स्वामी रामदेव ने कहा था, ‘यह तभी हो सकता है जब देश में ऐसा कानून बने कि जो भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा करे तो उसके बच्चे को वोट देने का अधिकार न हो, चुनाव लड़ने का अधिकार न हो और सरकार की ओर से जो सुविधायें दी जाती हैं, उन सभी सुविधाओं से उसे वंचित कर दिया जाये।’

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