Wednesday, January 19, 2022

प्रियंका गांधी से बदसलूकी पर भड़की कांग्रेस – यूपी में है तानाशाही, राष्ट्रपति शासन लागू हो

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लखनऊ. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से यूपी पुलिस (UP Police) की बदसलूकी को लेकर कांग्रेस ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने प्रदेश में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता सुष्मिता देव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कहा, ‘ये तानाशाही है कि प्रियंका गांधी एक विरोधी दल के नेता होने के नाते डंडे के बल पर जेल में भर्ती किए गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रही थीं, लेकिन उन्हें रोका गया। इसकी जांच होनी चाहिए। यूपी पुलिस की सर्किल ऑफिसर ने प्रियंका गांधी की गाड़ी को इस तरीके से रोका कि उनका एक्सिडेंट होते-होते बचा। उनकी गाड़ी में 5 लोगों से कम लोग मौजूद थे और इस तरह वो धारा 144 का उल्लंघन भी नहीं कर रही थीं। लेकिन उन्हें रोका गया।’

सुष्मिता देव ने कहा, ‘यूपी पुलिस ने प्रियंका गांधी को टू व्हीलर पर भी घेरा और जिस तरीके से घेरा वो निंदनीय है।’ उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में 18 लोगों की जान गई है जिसमें 12 लोगों को गोली मारी गई है। जिन अधिकारियों ने प्रर्दशनकारियों को और प्रियंका गांधी को रोका उनको बर्खास्त करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को भी बर्खास्त कर देना चाहिए। सुष्मिता देव ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रियंका गांधी को फिजिकली मैन हैंडल किया है। हम इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हैं। यह एक तरह से तानाशाही है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए।’

NHRC और सीआरपीएफ से की यूपी पुलिस की शिकायत

इस मामले में प्रियंका के कार्यालय ने शनिवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सीआरपीएफ महानिदेशालय को लिखित शिकायत दी है। प्रियंका ने एक महिला अधिकारी पर भी धक्का मुक्की करने और गले दबाने जैसे आरोप लगाए हैं।

प्रियंका गांधी के कार्यालयीय सहयोगी संदीप सिंह ने शिकायत में लिखा है, “हजरतगंज के सर्किल ऑफिसर अभय मिश्रा पहले से इजाजत लिए बिना सुबह 8.45 बजे उस अहाते में घुस गए, जहां प्रियंका गांधी वाड्रा ठहरी हुई थीं। उन्होंने प्रियंका के कमरे से महज पांच मीटर की दूरी पर सुरक्षा प्रभारी सीआरपीएफ के जवान के साथ बहस की।”

प्रियंका के सहयोगी ने लिखा, “वह सीआरपीएफ के जवान पर बरस पड़े और प्रियंका के कार्यक्रमों की सूची मांगी, जबकि सूची शुक्रवार को ही प्रशासन को दे दी गई थी। उन्होंने जानकारी छुपाने का आरोप लगाया और धमकी दी कि वह किसी तरह की सुरक्षा मुहैया नहीं कराएंगे। यहां तक कि इस अहाते से दो कदम भी बाहर जाने की इजाजत नहीं देंगे।”

सिंह ने मिश्रा के आचारण को गैर-पेशेवराना, गैर-कानूनी और गलत बताया। प्रियंका जब सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अधिकारी एस.आर. दारापुरी के परिवार से मिलने जा रही थीं, उस दौरान उनके काफिले को रोका गया। उनके पैदल चलने के दौरान भी उन्हें रोकने की कोशिश की गई और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

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