Sunday, September 19, 2021

 

 

 

जम्मू में मुस्लिमों को बनाया जा रहा निशाना, महबूबा ने की राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

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जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि जम्मू में गुज्जर और बक्करवाल (मुस्लिम) समुदायों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होने कहा कि यदि इस मुद्दे का राज्यपाल प्रशासन ने हल नहीं किया तो खतरनाक परिणाम होंगे।

महबूबा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुर्भाग्य से राज्यपाल की नाक के ठीक नीचे जम्मू में गुज्जर और बकरवाल को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, राज्यपाल का प्रशासन इसका संज्ञान नहीं ले रहा है।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल उन्होंने इस मुद्दे को राज्यपाल के समक्ष उठाया था। दरअसल, अतिक्रमण के नाम पर चुनिंदा तरीके से गुज्जर और बकरवाल समुदाय के लोगों के कुछ मकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया था।

उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि इन मकानों को, खासतौर पर र्सिदयों में नहीं छुआ जाएगा। लेकिन अतिक्रमण के नाम पर और पशुओं की तस्करी के बहाने उन्हें सताया जा रहा है।

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महबूबा ने यह भी आरोप लगाया कि जम्मू क्षेत्र में रह रहे मुसलमानों को 1947 जैसी स्थिति की धमकी दी जा रही है, जब सांप्रदायिक दंगे हुए थे।  उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि जम्मू में कुछ ऐसी ताकतें हैं जो पिछले साल कठुआ में एक बकरवाल बच्ची से हुए कथित बला*त्कार की घटना जैसी डर की भावना लोगों के मन में डालने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे पहले शनिवार को महबूबा मुफ्ती ने अलगाववादी नेता शाहिद-उल-इस्लाम को मानवीय आधार पर रिहा किए जाने की मांग की थी। वजह बताई थी कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है। दरअसल, शाहिद-उल-इस्लाम फिलहाल एनआईए की हिरासत में हैं।

इस्लाम की पत्नी को ‘ब्रेन हेमरेज’ होने की खबर सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की थी।

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